हेड : शिक्षा में 10 और जनस्वास्थ्य में 40 फीसदी की बढ़ोतरी
सबहेड : दक्षिणी निगम में 5437.97 करोड़ का अनुमानित बजट पेश, राजस्व बढ़ाने के लिए पेशेवर व स्वच्छता शुल्क लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त पुनीत गोयल ने वर्ष 2019-2020 का अनुमानित बजट पेश किया। अगले वित्त वर्ष के लिए कुल 5437.97 करोड़ का आकलन पेश किया गया। पिछले साल की तुलना में दक्षिणी निगम के बजट में करीब चार फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। बजट में शिक्षा में करीब 10, जबकि जन स्वास्थ्य के मद में 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है। अपने राजस्व में बढ़ोतरी के लिहाज से निगम के दायरे में प्रोफेशनल टैक्स, सामाजिक समारोहों के आयोजन पर शुल्क सहित बिजली के पोल पर ओएफसी की अनुमति देने का प्रस्ताव भी रखा गया है। राजस्व में बढ़ोतरी के लिए प्रोफेशनल चार्ज, स्वच्छता शुल्क सहित समारोह के आयोजकों से भी शुल्क वसूलने का प्रस्ताव है।
कमिश्नर ने बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि निगम की ओर से 500 करोड़ के बांड की अनुमति दी जा चुकी है। जबकि, संपत्ति कर में बढ़ोतरी का लक्ष्य है। इसके तहत दो लाख नए प्रॉपर्टी मालिकों से अतिरिक्त प्राप्ति होगी। रेलवे से 2017-18 तक का संपत्ति कर वसूल कर लिया गया है। जबकि दिल्ली मेट्रो और एनटीपीसी से भी इस मद में बकाया की अदायगी की जानी है। संपत्ति कर डिफाल्टरों की पहचान के बाद अधिक से अधिक लोगों को टैक्स के दायरे में लाने का निगम का प्रयास है।
निगम की ओर से 2019-20 में संपत्ति हस्तांतरण शुल्क से करीब 700 करोड़ की प्राप्ति का लक्ष्य है। 22 नवंबर तक दिल्ली संपत्ति विरूपण रोकथाम अधिनियम 2007 के तहत करीब 600 शिकायतों पर कार्रवाई के लिए पुलिस से सिफारिश की गई है, जबकि सेल्फ साइनेज के खिलाफ करीब 1300 नोटिस जारी किए गए हैं, जिससे निगम को राजस्व की प्राप्ति होगी। डीटीसी, डीटीआईडीसी, डीआईएमटीएस से राजस्व साझा करने को लेकर समझौते भी किए जा रहे हैं, जिससे करोड़ों प्राप्ति की उम्मीद की जा रही है।
समारोह के आयोजकों को अदा करनी होगी एकमुश्त राशि
वित्तीय वर्ष 2019-20 में पेशेवर कर लगाने का प्रस्ताव है। इसके तहत दक्षिणी दिल्ली निगम के क्षेत्र में पेशा करने वालों से प्रोफेशनल टैक्स की वसूली से भी निगम के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। राजस्व बढ़ाने के लिए दक्षिणी निगम ने बिजली के पोल के साथ ऑप्टिकल फाइबर केबल लाइन की मंजूरी देने का प्रस्ताव है, जिससे करोड़ों की आय की उम्मीद है। सामाजिक समारोह जैसे शादी के लिए आयोजकों से भी साल में एकमुश्त राशि का प्रस्ताव है। इससे भी निगम के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा निगम की ओर से स्वच्छता के मद में भी लेागों से एक नियत राशि वसूलने का लक्ष्य रखा गया है, जिसकी जिम्मेवारी किसी और कंपनी को दी जाएगी। इससे होने वाली प्राप्ति निगम और कंपनी कगे बीच साझा किया जाएगा।