आयुष्मान भारत के फेर में फंसना नहीं चाहते दिल्ली के अस्पताल
- राज्य बीमा योजनाओं से काफी कम है आयुष्मान भारत में मिलने वाली रकम
- निजी अस्पतालों के संगठन ने पंजीयन से पहले कीमतें बढ़ाने की रखी मांग
- प्रस्ताव में तमिलनाडू, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना का दिया हवाला
परीक्षित निर्भय
नई दिल्ली। राजधानी में प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) को लेकर केंद्र व राज्य सरकार के बीच समझौता नहीं हुआ है।
वहीं यहां के निजी अस्पताल भी इस योजना के फेर में नहीं फंसना चाहते। इसके पीछे की वजह बताई जा रही है कि अस्पतालों को मिलने वाली इलाज की रकम काफी कम है। जबकि अन्य राज्यों में पहले से चल रही योजनाओं में कई गुना ज्यादा कीमतें मिल रही हैं। इसे लेकर निजी अस्पतालों के संगठन एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स ने इलाज की कीमतें बढ़ाने की मांग रखी है। एसोसिएशन के महानिदेशक डॉ. गिरधर ज्ञानी ने पीएमजेएवाई को चार राज्यों का उदाहरण देते हुए प्रस्ताव भी भेजा है। उनका कहना है कि दिल्ली में निजी अस्पतालों को जोड़ने से पहले केंद्र को आयुष्मान भारत के तहत दी जाने वाले खर्च में बढ़ोतरी करनी होगी।
उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत से पहले महाराष्ट्र, तमिलनाडू, तेलंगाना और कर्नाटक में स्थानीय सरकारें गरीब परिवारों को बीमा योजना दे रही हैं। इन्हीं राज्यों की योजनाओं के साथ आयुष्मान भारत की समीक्षा की जाए तो इलाज का क्लेम अस्पतालों को बहुत कम मिल रहा है। इसका असर यह है कि दिल्ली और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों के बड़े-बड़े अस्पताल इसमें शामिल होने से कतरा रहे हैं। एसोसिएशन की ओर से मंत्रालय को भेजे मांगपत्र में करीब 362 तरह के चिकित्सीय उपचारों में होने वाले खर्च की तुलना चार राज्यों से की गई है।
दोबारा कीमतें बढ़ने में लग सकता है वक्त
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि निजी अस्पताल आयुष्मान भारत की कीमतों को लेकर ऐतराज जता रहे है, लेकिन देश के करीब 15 हजार से ज्यादा अस्पतालों में योजना चल रही है। उन्होंने बताया कि अभी इसके उपचार कीमतों में सुधार नहीं किया जा सकता। हालांकि कुछ समय बाद सरकार आयुष्मान भारत के एक वर्ष पूरे होने से पहले ऐसा कर सकती है।
बॉक्स : इस तरह इलाज के क्लेम की तुलना की
इलाज पीएमजेएवाई महाराष्ट्र तेलंगाना तमिलनाडू कर्नाटक
एंजियोप्लास्टि 50 हजार 75 हजार 75 हजार 62,750 55 हजार
बाइपास सर्जरी 90 हजार 1 लाख 1,18,162 99 हजार 95 हजार
पेटोसिस सर्जरी 10 हजार 25 हजार ------- 24 हजार -----
फ्रैक्चर (हाथ) 10 हजार 15 हजार ------ 15 हजार -----
आर्थरोडिसिस (कलाई) 30 हजार 30 हजार 30 हजार ---- ----
ओपन प्रोस्टेटक्टोमी 25 हजार 30 हजार 33 हजार 30 हजार 35 हजार
पेनिस कैंसर 20 हजार 25 हजार 36670 39850 25 हजार
हिट्स हर्निया 15 हजार 20 हजार 30 हजार 16 हजार 40 हजार