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सप्ताह में एक दिन भी नहीं मिली प्रदूषित हवा से राहत

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सप्ताह में एक दिन भी नहीं
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मिली प्रदूषित हवा से राहत
- दिल्ली-एनसीआर में बहुत खराब स्तर पर वायु प्रदूषण बरकरार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। इस पूरे सप्ताह दिल्ली-एनसीआर में एक दिन भी ऐसा नहीं रहा, जिसमें हवा की गुणवत्ता बेहतर हुई हो। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक लगातार छठे दिन दिल्ली-एनसीआर के शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब श्रेणी में ही बरकरार रहा। सिर्फ हरियाणा के फरीदाबाद और गुरुग्राम की हवा गुणवत्ता एक पायदान नीचे खराब स्तर पर रही। सीपीसीबी की हेल्थ एडवाइजरी में चेताया गया है कि लगातार ऐसी हवा गुणवत्ता के प्रभाव में रहने पर न सिर्फ श्वास रोग संबंधी मरीजों को बल्कि आम लोगों को भी परेशानी हो सकती है।
सीपीसीबी की ओर से शनिवार को जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के मुताबिक, दिल्ली का एक्यूआई 306, गाजियाबाद का 319, ग्रेटर नोएडा का 329, नोएडा का 309 रहा। वहीं, गुरुग्राम और फरीदाबाद का एक्यूआई स्तर क्रमश: 266 और 281 रहा। सीपीसीबी वायु गुणवत्ता का यह स्तर शाम चार बजे तक 24 घंटे का औसत स्तर है।
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- यह है एक्यूआई का मानक
सीपीसीबी के मुताबिक, 0-50 का एक्यूआई बहुत अच्छी हवा, 51 से 100 का एक्यूआई संतोषजनक, 101 से 200 का स्तर मध्यम श्रेणी, 201 से 300 का स्तर खराब, 301 से 400 का स्तर बहुत खराब, 401 से 500 का स्तर गंभीर श्रेणी वाली वायु गुणवत्ता को प्रदर्शित करता है।
- तीन से चार गुना तक हवा में पीएम कण
दिल्ली-एनसीआर की हवा में पार्टिकुलेट मैटर 2.5 और 10 का स्तर भी बहुत खराब श्रेणी में ही बना हुआ है। शनिवार रात 8 बजे पीएम 2.5 का स्तर 145 और पीएम 10 का स्तर 295 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। पीएम 10 हवा में मौजूद मोटे प्रदूषण कण हैं, जबकि पीएम 2.5 बेहद महीन और आंखों से न दिखने वाले प्रदूषण कण हैं। पीएम 10 का सामान्य स्तर 100 और पीएम 2.5 का सामान्य स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। इस पूरे सप्ताह दोनों कण अपने सामान्य मानक से तीन से चार गुना तक ज्यादा ही बने रहे।
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- प्रतिकूल मौसम के कारण स्वच्छ नहीं हो पाई हवा
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च केंद्र का कहना है कि मौसम में कुछ ऐसे बदलाव हुए हैं, जिससे अगले दो दिन एक्यूआई में कुछ गिरावट संभव है। हालांकि, फिर भी हवा बहुत खराब श्रेणी में ही बनी रह सकती है। दिल्ली में पराली के प्रदूषण का प्रभाव बिल्कुल खत्म हो चुका है। वहीं, सतह पर चलने वाली हवा की गति 2.6 किमी प्रति घंटा रिकॉर्ड की गई है जो आंशिक रूप से सतह के प्रदूषण को छांटने की शक्ति रखती है। इसके अलावा पश्चिमी दिशा से आने वाली हवा में नमी बरकरार है। पूरे सप्ताह मौसम की स्थिति कमोबेश ऐसी ही रही, जिसके कारण दिल्ली-एनसीआर की हवा गुणवत्ता गंभीर श्रेणी से लेकर बहुत खराब श्रेणी के बीच में ही बनी रही।
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