डीएसजीपीसी : अब डेढ़ करोड़ के
फर्जी टेंट बिल घोटाले का आरोप
- चेक से भुगतान, नकदी वापस आया पैसा : शंटी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीपीसी) में अब डेढ़ करोड़ रुपये के फर्जी टेंट बिल घोटाले का आरोप लगा है। कमेटी सदस्य गुरमीत सिंह शंटी का आरोप है कि कमेटी अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने गुरुद्वारों में समारोह के नाम पर टेंट लगवाने का फर्जी बिल बनाकर गोलक से डेढ़ करोड़ रुपये का घोटाला किया है। उधर, अदालत ने पहले से चल रहे घोटालों के मामलों पर राउज एवेन्यू थानाध्यक्ष को विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
शंटी ने शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता के दौरान कथित फर्जी बिल बनाने वाले टेंट मालिक का ऑडियो जारी किया। शंटी ने कहा कि इस टेंट मालिक ने वर्ष 2003 से 2006 के बीच गुुरुद्वारा कमेटी के समारोहों में टेंट लगाए थे। इसकी आड़ में कमेटी अध्यक्ष के कहने पर उसने डेढ़ करोड़ रुपये के फर्जी बल बनाकर दिए और चेक के जरिये भुगतान लेकर पैसे कमेटी अध्यक्ष व महाप्रबंधक हरजीत सिंह सूबेदार को लौटा दिए। वर्तमान में सूबेदार भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित चल रहे हैं।
शंटी ने कहा, इसके पूर्व भी वे वर्दी के नाम पर 24 लाख, कनाडा से आए एक लाख डॉलर के दान, पुस्तकों के नाम पर लाखों के घोटालों का पर्दाफाश कर चुके हैं। पुलिस ने दबाव में प्राथमिकी दर्ज नहीं की तो उन्होंने अदालत में याचिका दायर की। शंटी ने कहा कि घोटालों की सूची काफी लंबी है और एक के बाद घोटाले सामने आ रहे हैं, लेकिन अकाली दल चुप है। शंटी ने कहा कि 26 नवंबर को उनके मामले की सुनवाई अदालत में थी। अदालत ने थानाध्यक्ष को 7 दिसंबर को जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। शंटी ने दावा किया कि कई कमेटी कर्मचारियों ने पुलिस के समक्ष बयान दिया है कि उन्होंने पदाधिकारियों के दबाव में फर्जी बिलों पर भुगतान किया और पैसे वापस नकदी के रूप में आए, जो पदाधिकारियों को सौंप दिए गए।