हेडिंग: डीएमआईसी बनाने वाली कंपनी पर एक लाख जुर्माना
प्रदूषण पर एनजीटी के नियमों की अनदेखी करने पर प्राधिकरण ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) के तहत बन रहे इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में उड़ती धूल पर पानी का छिड़काव न करने पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शुक्रवार को निर्माता कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल छह वरिष्ठ प्रबंधक राजेंद्र भाटी के नेतृत्व में टीम ने मौके पर निरीक्षण किया। उस समय काफी धूल उड़ रही थी, फिर भी निर्माता कंपनी शपूरजी पल्लोनजी एंड कंपनी प्रा. लि. पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। उनका कहना है कि एनजीटी का आदेश है कि कहीं भी धूल उड़ती दिखे तो वहां तत्काल पानी का छिड़काव किया जाए, लेकिन इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में कंपनी की तरफ से इस तरह का कोई इंतजाम नहीं किया गया था। यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी।
दरअसल, बोड़ाकी के पास करीब 750 एकड़ में इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित की जा रही है। इसके 50 फीसदी हिस्से पर इंडस्ट्री व बाकी 50 फीसदी में अन्य सुविधाएं होंगी। इसमें 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश का आकलन है। साथ ही, 60 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। यहां ग्रुप हाउसिंग की दरें 28,000 रुपये, वाणिज्यक भूखंडों के लिए 65,000 रुपये और आईटी प्लॉट का रेट 20,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर है।