भारतीय रेलवे का प्रतिनिधित्व करते हैं स्टेशन मास्टर : सिन्हा
- दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में स्टेशन मास्टरों का संकल्प महासम्मेलन शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन का महासम्मेलन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में शुरू हुआ। इस सम्मेलन में कश्मीर से कन्याकुमारी तक के करीब तीन हजार स्टेशन मास्टर शामिल हुए। स्टेशन मास्टरों ने स्टेडियम में सफेद यूनिफार्म में उपस्थित होकर अनुशासित होने का अद्भुत नजारा प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मनोज सिन्हा ने कहा कि स्टेशन मास्टर ही वह कैडर है जो भारतीय रेलवे का प्रतिनिधित्व करता है। स्टेशन मास्टर सैनिकों की तरह ही 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहते हैं और यात्रियों को सुरक्षित सफर कराते हैं। आप देश की सेवा करते हैं सरकार भी आपकी सेवा में तत्पर रहेगी। सभी 68 मंडलों के 7500 स्टेशनों के प्रतिनिधि के तौर पर उपस्थित स्टेशन मास्टरों में कई महिला स्टेशन मास्टर भी शरीक हुई।
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष अश्विनी लोहानी ने कहा कि स्टेशन मास्टर ही वो चेहरा है जो गांव, कस्बों व शहरों में एक प्रतिष्ठित नाम होता है। स्टेशनों पर अच्छी सफाई व्यवस्था के लिए स्टेशन मास्टरों की भूमिका की सराहना की और साथ ही रेलवे में स्थितियों को सुधारे जाने पर बल दिया। उन्होंने बेहतर वातावरण देने की प्रतिबद्धता दोहराई। भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो ने स्टेशन मास्टरों के साथ अपने जीवन के अनुभव साझा किए व अनुरोध पर गीत भी सुनाकर सबका दिल जीत लिया। सम्मेलन को उत्तराखंड के पूर्व राज्य मंत्री सच्चिदानंद पोखरियाल, मुख्य परिचालन प्रबंधक राजीव सक्सेना, रेलवे यूनियन के शिव गोपाल मिश्रा, गुमान सिंह समेत रेलवे के कई अधिकारियों ने संबोधित किया। महासम्मेलन में स्टेशन मास्टरों की ड्यूटी रोस्टर समाप्त करने के साथ ही स्टेशन मास्टर के कैडर की पंद्रह प्रतिशत पोस्ट को राजपत्रित करने, बड़े स्टेशनों पर सेंट्रेलाइज आवास की सुविधा देने, स्टेशन मास्टरों को 5400 का ग्रेड पे देने के साथ ही स्टेशन मास्टर कैडर में जीरो बहाली की मांग रखी गई।