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बुल गार्ड हटाने संबंधी आदेश पर रोक 1

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बुल गार्ड हटाने संबंधी आदेश पर रोक 18 फरवरी तक बढ़ी
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केंद्र सरकार के आदेश को गार्ड निर्माताओं ने हाईकोर्ट में दी थी चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने गाड़ियों में बुल गार्ड न लगाने संबंधी केंद्र सरकार के आदेश पर रोक को 18 फरवरी 2019 तक बढ़ा दिया है। देश भर के बुल गार्ड निर्माताओं ने केंद्र सरकार के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने सात दिसंबर 2017 को अधिसूचना जारी कर वाहनों में बुल गार्ड लगाने पर रोक लगा दी थी।
मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व न्यायमूर्ति वीके राव की खंडपीठ ने इंडियन सेफ्टी गार्ड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए बुल गार्ड न लगाने संबंधी आदेश पर रोक अगली सुनवाई तक बढ़ा दी है। कोर्ट ने एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र के आदेश पर 12 मार्च 2018 को रोक लगा दी थी। इस रोक से बुल गार्ड बनाने के लिए काम में लगे करीब 20 लाख लोगों को बड़ी राहत मिली थी। कोर्ट के समक्ष बुल गार्ड निर्माताओं ने कहा था कि सरकार ने उनका पक्ष जाने बिना ही जल्दबाजी में यह आदेश जारी किया है। कोर्ट की फटकार के बाद सरकार ने एक संयुक्त कमेटी का गठन किया था। इसमें सरकार, कार निर्माता कंपनी और बुल गार्ड बनाने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया था।
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इस कमेटी की प्रथम बैठक के बाद चार मुख्य सुझाव दिए थे। इनमें कहा गया था कि गार्ड बोनेट से ऊपर नहीं होना चाहिए, सामने से धारदार न हो, गार्ड गाड़ी से बहार न निकले, उसके कोने चुभने वाले न हों , फिटिंग किट बाहर नहीं आनी चाहिए तथा हेड लाइट को बाधित न करे।
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