विपक्ष ने सदन में पेश किया मतदाता सूची का ब्योरा
नाम काटे जाने को चुनाव आयोग की सामान्य प्रक्रिया बताया
सत्ता पक्ष पर लगाया सदन को गुमराह करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । विपक्ष ने मतदाता सूची से मतदाताओं का नाम काटने से जुड़ी अल्पकालिक चर्चा को सदन को गुमराह करने वाला बताया। सदन को बताया कि चुनाव आयोग की यह सामान्य प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाता सूची का पुनर्निरीक्षण किया जाता है। इस प्रक्रिया के तहत पते पर मौजूद नहीं लोगों का नाम कटता है और नए मतदाताओं का नाम जोड़ा जाता है।
सदन में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता कहा कि आम आदमी पार्टी दुष्प्रचार कर रही है। उन्होंने सदन में मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के रिकार्ड पेश कर कहा कि 2015 से 2018 तक 3,05,277 नाम मतदाता सूची में नए जोड़े गए। इस अवधि में 10,68,023 नाम काटे गए व 13,73,300 नाम जोड़े गए। उन्होंने कहा कि नामों का जोड़े जाना और काटा जाना एक सामान्य प्रक्रिया है, जो निरंतर चलती रहती है। मतदाता सूची से नाम मृत्यु, स्थानांतरण, पता बदलने के कारण निकाले जाते हैं। आम आदमी पार्टी का आरोप सरासर आधारहीन है।
गुप्ता ने सदन को बताया कि मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय में 31 अगस्त को एक बैठक हुई थी, जिसमें मतदाता सूची को 1.1.2019 तक पूरी तरह अपडेट करने के उपायों पर चर्चा की गई थी। इसमें आम आदमी पार्टी के नेता दिलीप पांडे व पंकज गुप्ता ने भाग लिया था। परंतु उन्होंने इस बैठक में नामों के काटे जाने को लेकर कोई विरोध नहीं जताया था। इससे पता चलता है कि यह एक सोची समझी साजिश है जिसे राजनीतिक हथियार के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। सभी राजनीतिक पार्टियों को चुनाव प्रणाली के सुधारों को मजबूत करना चाहिए।