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गोकुल पुरी में एक डेयरी की सील तोडने के मामले में एक बार फिर राजनीति शुरु

Fri, 23 Nov 2018 07:56 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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गोकुलपुरी में एक डेयरी की सील तोड़ने के मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को आरोप मुक्त किए जाने के बाद फिर राजनीति शुरू हो गई। सर्वोच्च न्यायालय ने तिवारी को अवमानना के आरोप से मुक्त कर दिया, लेकिन सील तोड़ने को लेकर फटकार जरूर लगाई। हालांकि फैसले के बाद दिल्ली में यह बड़ा मुद्दा बनने से रह गया। तिवारी ने जहां इसे अपनी जीत बताना शुरू कर दिया, वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी मैदान में कूद पड़े। उन्होंने ट्वीट कर कहा अब नोटंकी बहुत हो गई, अधिसूचना लाकर सीलिंग से लोगों को मुक्ति दिलवाएं।

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सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर सभी की निगाह लगी हुई थी। भाजपा का मानना था कि अदालत तिवारी को सजा देती है तो भी वे फायदे में है और नहीं देती है तब भी। अदालत ने हालांकि तिवारी को सजा नहीं दी लेकिन फटकार लगाते हुए कहा कि उन्हें कानून हाथ में लेने की जरूरत नहीं थी। वे बिना कारण बहादुर बनने का प्रयास कर रहे थे। इस फैसले के बाद पुन: राजनीति शुरू हो गई। तिवारी इस फैसले को अपनी जीत बताते हुए कह रहे हैं फैसले से स्पष्ट हो गया कि डेयरी की सील गलत थी और उसे तोड़ना उनका निर्णय सही था।

इतना ही नहीं तिवारी ने तो अदालत के फैसले की अलग ही व्याख्या करते हुए कहा कि उनके स्टैंड को स्वीकार किया गया है कि मानिटरिंग कमेटी की कार्रवाई अवैध है और बिना किसी अधिकार क्षेत्र के की गई है। तिवारी ने न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि मानिटरिंग कमेटी की पिक एंड चूज नीति के तहत चुनिंदा सीलिंग कार्रवाइयों को सर्वोच्च न्यायालय ने नोट किया है। उधर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने तिवारी के बयान व अदालत के फैसले के बाद निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि यदि नोटंकी बंद हो गई हो तो केंद्र सरकार से अध्यादेश जारी करवाकर लोगों को सीलिंग से राहत दिलवा दो। दिल्ली में सातों सांसद भाजपा के हैं।
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तिवारी के आचरण की शिकायत, कार्रवाई की मांग
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता दिलीप पांडेय ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी की शिकायत की है। पांडेय ने लिखा है कि तिवारी का व्यवहार सार्वजनिक जीवन की मर्यादा व संस्कृति के खिलाफ है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है। उन पर उचित कार्रवाई की जाए।

अपने पत्र को संजीदा बताते हुए पांडेय ने लिखा है कि यह विषय देश की राजनीतिक संस्कृति की दिशा तय करने में अहम भूमिका अदा करता है। ऐसे में उम्मीद है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इसका जवाब जरूर देंगे। उन्होंने लिखा कि बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में मनोज तिवारी के आचरण को अनुचित बताया गया है। अदालत ने भाजपा को तिवारी के आचरण पर उचित कार्रवाई करने की सलाह भी दी है। पत्र में सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन कार्यक्रम में हंगामे में मनोज तिवारी की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए सिलसिलेवार ढंग से पूरे घटनाक्रम का विस्तार से जिक्र किया है।

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