तेज हवा से प्रदूषण के स्तर में मामूली सुधार
-बहुत खराब श्रेणी से एक पायदान नीचे खिसककर खराब श्रेणी में पहुंचा
-अगले दो से तीन दिन प्रदूषण में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में तेज गति से चलने वाली हवा के कारण बृहस्पतिवार को प्रदूषण के कणों को बिखरने का मौका मिल गया है। दिल्ली समेत एनसीआर की वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी से एक पायदान नीचे खिसककर खराब श्रेणी में पहुंच गई है। वहीं हवा में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 के स्तर में भी गिरावट आई है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोर कास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक अगले दो से तीन दिन मौसम हवा की गुणवत्ता के विपरीत रहेगा। ऐसे में अगले दो से तीन दिन प्रदूषण में यह उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
वायु प्रदूषण में कमी को लेकर केंद्रीय एजेंसी सफर का कहना है कि बुधवार की रात तेज गति से चलने वाली हवा और बृहस्पतिवार को हवा में पराली और वाहनों के कारण होने वाले प्रदूषण का प्रभाव घटा है। बृहस्पतिवार को पीएम 2.5 प्रदूषण में पराली का प्रभाव महज दो फीसदी बचा है।
वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक 24 घंटे के आधार पर शाम 4 बजे तक दर्ज की गई वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के मुताबिक दिल्ली का एक्यूआई बुधवार को दर्ज 373 की तुलना में 100 अंक की गिरावट के साथ बृहस्पतिवार को 273 दर्ज किया गया है। यूपी में नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा में फरीदाबाद व गुरुग्राम की हवा गुणवत्ता भी खराब श्रेणी में रिकॉर्ड की गई।
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पीएम कण में मामूली कमी
सीपीसीबी की ओर से पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) पर निगरानी रखने वाले केंद्रीय नियंत्रण कक्ष के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर की हवा में मौजूद पीएम 2.5 का स्तर सामान्य से सिर्फ दो गुना ज्यादा 126 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि मंगलवार को पीएम 2.5 इमरजेंसी स्तर यानी 300 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर को पार कर गया था। पीएम 2.5 का सामान्य औसत मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। इसी तरह मोटे प्रदूषण कण पीएम 10 का स्तर करीब तीन गुना ज्यादा 287 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड हुआ, जबकि इसका औसत सामान्य मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है।
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दिल्ली-एनसीआर वायु गुणवत्ता सूचकांक
शहर एक्यूआई स्थिति
22 नवंबर 21 नवंबर 20 नवंबर 19 नवंबर
दिल्ली 273 373 373 330
गुरुग्राम 236 345 302 280
गाजियाबाद 286 383 396 364
नोएडा 272 377 386 348
ग्रेटर नोएडा 296 392 377 346
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नोट : सीपीसीबी के मुताबिक 201 से 300 का एक्यूआई स्तर खराब और 301 से 400 का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बहुत खराब और 401 से अधिक एक्यूआई गंभीर श्रेणी वाली वायु गुणवत्ता को दर्शाता है। लंबे समय तक ऐसी हवा के संपर्क में रहने से श्वास संबंधी और अन्य बीमारियां हो सकती हैं।