साढ़े आठ किलो की ‘मिनिमि’ 4 किलोमीटर तक करेगी वार
- प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में हथियार देखने पहुंचे दर्शक
-जवानों ने दी हथियारों के बारे में रोचक जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सरहद पर दुश्मनों के दुस्साहस का जवाब देने के लिए तैयार भारतीय सेना को अत्याधुनिक हथियार संबल दे रहे हैं। इसकी बानगी प्रगति मैदान में चल रहे ट्रेड फेयर में देखने को मिल रही है, जहां इजरायल और बेल्जियम के हथियार देश में सुरक्षा का अहसास करा रहे हैं। प्रदर्शनी में रखी गई मिनिमी हथियार की मारक क्षमता जानकर दर्शक देख की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त भी हो रहे है।
जानकारी के अनुसार प्रदर्शनी में एक मिनिमी नामक हथियार है जिसे हाल ही में सीआरपीएफ में शामिल किया गया है। इसका वजन साढ़े आठ किलो है और इसकी मारक क्षमता 4 किलोमीटर तक है। इसकी इफेक्टिव रेंज एक किलोमीटर तक है। वहीं, मैक्सिमम रेंज चार किलोमीटर है। सबसे खास बात यह है कि चाहे बारिश हो या तूफान, अगर एक किलोमीटर दूर से इससे गोली चली तो सीधे निशाने पर ही लगेगी। वहीं, इस प्रदर्शनी में दो तरीके से वार करने वाली ‘कॉर्नर शॉट’ भी है। ये एक ऐसी राइफल है जो टर्न भी हो सकती है। यानि यदि जवान को किसी दीवार या अन्य चीज की आड़ लेते हुए गोली चलानी है तो वह इस राइफल को मोड़ भी सकते हैं। इसके आगे का हिस्सा पूरी तरह मुड़ जाता है और उस पर पिस्टल लगाई जा सकती है। साथ ही इस पर कैमरा और स्क्रीन भी लगाई गई है। ये इस्रायल से मंगाई गई है, जिसका वजन साढ़े तीन किलो से भी ज्यादा है। जानकारी के अनुसार बगैर टर्न किए यह 120 और टर्न करने के बाद 75 मीटर तक निशाना साध सकती है।
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बॉक्स : मां की ममता और व्यवसाय की जिम्मेदारी संभाल रही शबीना
भले ही ट्रेड फेयर में अलग-अलग रंग दिखाई दे रहे हैं, लेकिन मां की ममता और घर की जिम्मेदारी का यह रंग सबको भावनाओं से जोड़ रहा है। दरअसल, पटना से आई शबीना इमाम अपने दो साल के बेटे अजहान पर ममता की छाया कर रही हैं। वहीं अपनी खूबसूरत टिकुली पेंटिंग से दर्शकों को अपनी तरफ आकर्षित भी कर रही हैं। शबीना बताती हैं कि उनके पति सऊदी में रहते हैं और वह यहां टिकुली पेंटिंग करने के साथ-साथ अपने बच्चे का पालन-पोषण करती हैं। पेंटिंग उनका शौक है और वह 2001 से इस क्षेत्र में हैं। मेले में उनका पहला स्टॉक खत्म हो चुका है और अब वह दूसरा स्टॉक मंगवा रही हैं।
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बॉक्स : प्रदूषण से बचाने वाले पौधों की खल रही कमी
पिछले कुछ वर्षों की भांति इस बार ट्रेड फेयर में प्रदूषण से बचाने वाले पौधे दिखाई नहीं दे रहे। बताया जा रहा है कि जगह कम होने के कारण ऐसा हुआ है। लेकिन काफी लोग हर वर्ष ट्रेड फेयर के जरिए इस तरह के पौधों की खरीदारी करते हैं। अबकी बार पर्यावरण को मेले में कुछ खास नहीं है। जबकि लोगों का मानना है कि इस बार ट्रेड फेयर में इसकी अधिक जरूरत थी।