हेडिंग: रेरा ने महागुन बिल्डर को दी खरीदारों से सही बर्ताव की हिदायत
पीठ ने विभिन्न बिल्डरों के 44 मामलों को सुना
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर गामा दो स्थित उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) की पीठ वन ने बृहस्पतिवार को विभिन्न बिल्डरों के 44 मामलों को सुना। इनमें सबसे अधिक ग्रेनाइट गेट प्रोपर्टीज के 15 और महागुन इंडिया के 19 मामले थे। सुनवाई के दौरान रेरा ने महागुन इंडिया बिल्डर के प्रतिनिधियों से कहा कि खरीदारों की समस्या को सही से सुना जाता तो ज्यादातर शिकायतें आती ही नहीं। पीठ ने बिल्डर को सहीं बर्ताव करने की हिदायत भी दी है।
बृहस्पतिवार को रेरा की पीठ वन ने ग्रेनाइट गेट के अलावा महागुन रियल एस्टेट के चार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का एक, उप्पल चड्डा हाईटेक डेवलपर्स का एक, राजेश प्रोजेक्ट का एक, श्री कोलोनाइजर्स एंड डेवलपर्स का एक और थ्री सी प्रोजेक्ट के दो मामलों पर सुनवाई की। महागुन इंडिया के खरीदार दीपक कुमार ने रेरा से कब्जा दिलवाने और देरी से कब्जा देने पर जुर्माने की अपील की है। बिल्डर ने 2017 में कब्जा देने का वादा किया था और अब बिल्डर ने दिसंबर, 2019 का समय दे रहा है। बाकी खरीदारों की शिकायत सुनने के बाद पीठ के अध्यक्ष राजीव कुमार ने बिल्डर से कहा कि सुनवाई के बाद लग रहा है कि खरीदारों की समस्या को सही से सुना नहीं गया। अगर बिल्डर समस्या को सुनता तो आधे से ज्यादा मामले रेरा में नहीं आते। वहीं, आखिर में थ्री सी बिल्डर के दो मामलों को सुना गया। बिल्डर के अधिवक्ता देरी से कोर्ट में पहुंचे और पीठ से दो सप्ताह का समय मांगा, लेकिन पीठ ने समय देने से इंकार कर दिया। कहा कि सभी मामलों में जल्द ही आदेश होने वाला है। कोर्ट इंतजार नहीं कर सकती।