मथुरा, मेरठ सहित अन्य के लिए
----------------------------
हेडिंग: पीसी गुप्ता की जमानत याचिका हाईकोर्ट में खारिज
सबहेड: यमुना प्राधिकरण में 126 करोड़ रुपये की जमीन घोटाले का मामला
2 जुलाई को पूर्व सीईओ व आईएएस अधिकारी को भेजा गया था मेरठ जेल
केस में नामजद व अन्य आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 126 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले के मामले में आरोपी पूर्व सीईओ व सेवानिवृत्त आईएएस पीसी गुप्ता की जमानत याचिका बुधवार को हाईकोर्ट में खारिज कर दी गई। पुलिस ने पीसी गुप्ता को 22 जून को गिरफ्तार कर मेरठ की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश कर जेल भेजा था। इसके बाद से लेकर अब तक पुलिस ने मामले में गिरफ्तारी नहीं की है।
3 जून को कासना कोतवाली में पीसी गुप्ता समेत 21 आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा था। वहां से कड़े निर्देश मिलने के बाद पुलिस ने पीसी गुप्ता को 22 जून को मध्यप्रदेश के दतिया से गिरफ्तार किया था। पीसी को मेरठ की भ्रष्टाचार निवारण अदालत में पेश करने के बाद दस दिन तक रिमांड पर लेकर पुलिस ने पूछताछ की। 2 जुलाई को रिमांड पूरी होने के बाद अदालत में पेश कर उन्हें जेल भेज दिया गया था, तब से पीसी गुप्ता मेरठ की जेल में बंद हैं और घोटाले के अन्य आरोपी फरार हैं। इस घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की गई थी और गृह मंत्रालय ने भी इस संबंध में रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन अभी जांच पुलिस ही कर रही है। पुलिस के चार्जशीट दाखिल करने के तुरंत बाद जमानत याचिका हाईकोर्ट में दाखिल कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, बुधवार को हाईकोर्ट में पीसी गुप्ता की जमानत पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी।