लोग पड़ोसी राज्यों से सस्ता ईंधन खरीदकर फैला रहे प्रदूषण
- दिल्ली पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन ने कहा खत्म हो कीमत का अंतर
- नवंबर माह में करीब 4.5 करोड़ रुपये के घाटा का दावा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए भारतीय उत्सर्जन मानक भारत स्टेज (बीएस)-6 का ईंधन बिक रहा है। इसके बावजूद लोग अगल-बगल के राज्यों से दो से तीन रुपये सस्ता बीएस-4 वाला उत्सर्जन मानक वाला ईंधन खरीद रहे हैं। दिल्ली पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन ने कहा है कि ईंधन के दाम में फर्क से नवंबर माह में करीब 4.5 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत दिल्ली में स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ाने का मकसद अधूरा रह गया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया ने कहा कि यदि सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम के अंतर को पाटती है तो शायद लोग दिल्ली में ही स्वच्छ ईंधन की खरीदारी करें। साथ ही यहां वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सके। बीएस-6 उत्सर्जन मानक वाले पेट्रोल-डीजल की बिक्री दिल्ली में एक अप्रैल से अनिवार्य की गई थी। यह ईंधन सीएनजी की तरह स्वच्छ है।
सिंघानिया ने कहा कि हाल ही में दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में वैल्यू एडेड टैक्स की दरें घटाए जाने से वहां बीएस-4 मानक वाला पेट्रोल और डीजल दिल्ली के बीएस 6 के मुकाबले दो से तीन रुपये सस्ता मिल रहा है। इसके चलते दिल्ली के भीतर अक्तूबर महीने मेें बीएस - 6 मानक वाला ईंधन 3.72 करोड़ लीटर कम बिका है। इसका मतलब यह भी है कि लोगों ने प्रदूषण फैलाने वाले इतने लीटर ईंधन को ही चुना। वहीं, नवंबर महीने में दिल्ली के डीलर्स का अनुमानित घाटा 4.5 करोड़ लीटर का होगा। सरकार को इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए ईंधन की कीमत में एकरूपता लानी पड़ेगी, अन्यथा दिल्ली के वायु प्रदूषण को कम करने का लक्ष्य कभी पूरा नहीं होगा।