फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी स्कूलों में रिसोर्स पर्सन शिक्षकों की कमी दूर करेंगे

विज्ञापन
विज्ञापन
सरकारी स्कूलों में ली जाएंगी
विज्ञापन

सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं
- स्कूलों में गणित, अंग्रेजी, साइंस के उपयुक्त शिक्षकों की है कमी
- शिक्षकों की कमी होगी दूर, 200 घंटे पढ़ाने की होगी अनुमति
- प्रति घंटे के हिसाब से 1000 रुपये किया जाएगा भुगतान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों को रिसोर्स पर्सन के तौर पर रखा जाएगा। शिक्षा निदेशालय अल्पकालिक अवधि के लिए इनकी नियुक्ति करेगा। स्कूल मैनेजमेंट कमेटी फंड से इन रिसोर्स पर्सन को भुगतान किया जाएगा। प्रति घंटे के हिसाब से इन्हें एक हजार रुपये दिए जाएंगे। सरकार ने इसके लिए हाल ही में एसएमसी फंड को मंजूरी दी है।
दिल्ली सरकार ने हाल ही में प्रत्येक स्कूल की हर पाली की स्कूल मैनेजमेंट कमेटी(एसएमसी) को बच्चों की संख्या के हिसाब से पांच से सात लाख रुपये फंड दिए जाने की घोषणा की है। इस फंड के माध्यम से प्रिंसिपल स्कूल के हर छोटे-बड़े काम करवा सकते हैं। शिक्षा निदेशालय को कुछ स्कूलों में गणित, अंग्रेजी, साइंस, कॉमर्स संबंधित विषयों के लिए उपयुक्त शिक्षक नहीं मिले हैं। ऐसे में स्कूल प्रिंसिपल एसएमसी फंड से इन रिसोर्स पर्सन की नियुक्ति कर सकते हैं। जिससे कि बच्चों की परीक्षा की तैयारी बेहतर हो सके, क्योंकि फरवरी-मार्च से परीक्षाओं का दौर शुरू होने जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, केंद्र सरकार के स्कूलों से सेवानिवृत्त शिक्षकों को रिसोर्स पर्सन के रूप में रखा जा सकेगा। उन्हें इन स्कूलों में कम से कम पांच साल पढ़ाने का अनुभव होना जरूरी है। रिसोर्स पर्सन को अधिकतम 200 घंटे पढ़ाना होगा। स्कूलों को कहा गया है कि वह छात्र हित में स्कूल की जरूरत के हिसाब से इन रिसोर्स पर्सन को पढ़ाने के लिए रख सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें