पीएचडी स्कॉलर्स की केंद्र को 10 तक
फेलोशिप राशि बढ़ाने की चेतावनी
- मांग पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में स्कॉलर्स
- दिल्ली में स्कॉलर्स संस्था जेआरएफ, एसआरएफ, रिसर्च एसोसिएट, नेशनल पोस्ट ऑफ फेलोशिप की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। देशभर के पीएचडी स्कॉलर्स ने केंद्र सरकार को 10 दिसंबर तक फेलोशिप राशि बढ़ाने की चेतावनी दी है। यदि इस अवधि के दौरान उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। पीएचडी स्कॉलर्स जेआरएफ, एसआरएफ, रिसर्च एसोसिएट व नेशनल पोस्ट ऑफ फेलोशिप की फेलोशिप बढ़ाने की मांग रखी है।
एम्स दिल्ली में शनिवार को ऑल इंडिया इंटर इंस्टीट्यूट रिसर्च स्कॉलर्स रिप्रेजेंटेटिव की बैठक हुई। बैठक की कॉल सोसायटी ऑफ यंग साइंटिस्ट एम्स की ओर से दी गई थी। सोसायटी अध्यक्ष लालचंद विश्वकर्मा के मुताबिक, पीजीआई चंडीगढ़, आईआईटी रुड़की, कानपुर, गुवाहाटी, दिल्ली, एनआईआई, आईसीवाईईबी समेत कई अन्य संस्थानों के स्कॉलर्स संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल रहे। बैठक के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए विरोध भी जताया।
करीब पांच घंटे तक चली बैठक में फैसला हुआ कि सरकार ऐसी योजना लागू करे, जिसमें हर चार साल बाद फेलोशिप राशि बढ़ाई जाए। क्योंकि हर चार साल बाद स्कॉलर्स द्वारा विरोध हड़ताल करने के बाद ही फेलोशिप राशि बढ़ाई जाती है। स्कॉलर्स के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 2010 के बाद 2014 में उनकी फेलोशिप राशि बढ़ाई थी। उस दौरान 16 हजार रुपये से सीधे 25 हजार रुपये तक फेलोशिप बढ़ी थी। लेकिन, 2018 में अभी तक फेलोशिप राशि नहीं बढ़ाई गई है।
गौरतलब है कि उक्त स्कॉलर्स को मानव संसाधन विकास मंत्रालय, यूजीसी, डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी व डिपार्टमेंट ऑफ बॉयोटेक्नोलॉजी संयुक्त रूप से फेलोशिप जारी करता है।
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9 नवंबर को मंत्रालय की बैठक
स्कॉलर्स की इस मांग पर 9 नवंबर को मानव संसाधन विकास मंत्रालय, यूजीसी, डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी व डिपार्टमेंट ऑफ बॉयोटेक्नोलॉजी की बैठक हो चुकी है। उक्त मंत्रालयों की ओर से स्कॉलर्स को जानकारी दी गई है कि उनकी मांग के प्रस्ताव को जल्द ही पूरा किया जाएगा।