शिकायतकर्ताओं को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया
सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन के दौरान हंगामे का मामला
पुलिस जल्द ही आरोपियों से कर सकती है पूछताछ
आठ शिकायतों पर दर्ज की गई थीं तीन एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन के दौरान हुए हंगामे के मामले की जांच कर रही अपराध शाखा ने शिकायतकर्ताओं का बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अपराध शाखा की ओर से इसके लिए नोटिस भेजकर शिकायतकर्ताओं को बुलाकर बयान दर्ज करने के लिए कहा जा रहा है। पुलिस जल्द ही आरोपियों को भी बुला सकती है। मामले में भाजपा सांसद व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी समेत तीन लोगों की ओर से तीन एफआईआर दर्ज की गई थीं। मनोज तिवारी की ओर दी गई शिकायत में ओखला से आप के विधायक अमानतुल्लाह खान और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी नाम शामिल है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले की छानबीन के दौरान पुलिस ने घटना वाले दिन का वीडियो भी जांच के लिए मंगाया है। आप कार्यकर्ता तौकीर व भाजपा कार्यकर्ता बीएन झा ने अपनी-अपनी शिकायतों में एक-दूसरे पर मारपीट करने के आरोप लगाए थे। दोनों ही ओर से कुल आठ शिकायतें पहुंची थीं, जिसके बाद तीन एफआईआर दर्ज की गई थीं।
एफआईआर में मुख्यमंत्री व अमानतुल्लाह के नाम होने पर आप ने कड़ा ऐतराज जताया था। इसके बाद आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पुलिस उपायुक्त अमूल्य पटनायक से मिला था। बाद में मामले की छानबीन का जिम्मा अपराध शाखा को सौंप दिया गया।