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कैंसर रोकथाम के अनुसंधान पर जामिया के प्रो. को इंटरनेशनल अवार्ड

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कैंसर रोकथाम के अनुसंधान पर जामिया
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के प्रोफेसर को अंतरराष्ट्रीय अवार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रो. एम मोशाहिद ए रिजवी को कैंसर रोकथाम में अनुसंधान पर इंटरनेशनल अवार्ड मिला है। बेहतरीन रिसर्च के लिए प्रतिष्ठित रिसर्च अंडर लिटेरल एक्सेस (आरयूएलए) अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
जामिया प्रबंधन के मुताबिक, यह पुरस्कार मलेशिया आधारित आरयूएलए द्वारा दिया गया है। इसकी ज्यूरी में कनाडा की यूनाइटेड मेडिकल काउंसिल और अमेरिका की वर्ल्ड रिसर्च काउंसिल के विशेषज्ञ शामिल हैं। आरयूएलए ने प्रो. रिजवी और उनकी टीम में शामिल आठ युवा अनुसंधानकर्ताओं को उनके महत्वपूर्ण रिसर्च कार्यों के लिए आरयूएलए इंटरनेशनल अवार्ड के लिए चुना है। यह टीम विभिन्न प्रकार के कैंसर रोग के कारणों और उनकी रोकथाम के बारे में गहन अध्ययन कर रही है। प्रो रिजवी की लैब में करीब 20 तरह के कैंसर के कारणों को जानने पर अनुसंधान चल रहा है। प्रो. रिजवी ने कहा कि यह पुरस्कार उनकी टीम के लिए उत्साहवर्द्धक है। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि उनकी प्रयोगशाला और अनुसंधान को विश्व पैमाने पर पहचान मिली।
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आईआईटी दिल्ली के प्रो. अमित कुमार
को शांति स्वरूप भटनागर अवार्ड
नई दिल्ली। आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर अमित कुमार का नाम शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार के लिए चयन किया गया है। साइंस के क्षेत्र में बेहतरीन अनुसंधान के लिए प्रो. कुमार के नाम का चयन हुआ है। प्रो. कुमार को शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार साइंस व तकनीकी 2018 का पुरुस्कार काउंसिल ऑफ साइंिटिफिक एंड इंडस्ट्रयिल रिसर्च की ओर से दिया जाता है। ब्यूरो
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आठ से 1.7 करोड़ पहुंचा जेएनयू लाइब्रेरी का फंड : छात्रसंघ
- छात्रसंघ ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर फंड कटौती का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लाइब्रेरी फंड में कटौती करने पर छात्रों और शिक्षकों ने विरोध जताया है। छात्रों का कहना है कि जेएनयू प्रबंधन ने लाइब्रेरी का फंड कम करने का फैसला लिया है, जो कि छात्र विरोधी है। फंड कम होने से सुविधाओं में कटौती होगी। इस कटौती के चलते छात्रों को ई जर्नल की सुविधा भी नहीं मिलेगी। एमफिल व पीएचडी से जुड़े विषयों की किताबें बेहद महंगी होती हैं, इन्हें खरीदना संभव नहीं होता है।
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छात्रसंघ अध्यक्ष एन साई बालाजी के मुताबिक, प्रशासन ने डॉ. बीआर अंबेडकर लाइब्रेरी के फंड में कटौती की है। प्रशासन ने फंड आठ करोड़ से घटाकर 1.7 करोड़ रुपये कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन कटौती के लिए फंड न होने की बात कह रहा है। प्रशासन का कहना है कि यूजीसी से फंड कम मिलने के चलते विश्वविद्यालय लाइब्रेरी के फंड में कमी कर रहा है। अभी तक सातों दिन और 24 घंटे लाइब्रेरी खुली रहती है, लेकिन फंड में कमी से यह सुविधा छात्रों को नहीं मिलेगी। छात्रों को बाहर से महंगी किताबें खरीदनी पड़ेंगी।
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