बीटेक और एमटेक में सत्र 2019
से मॉडल पाठ्यक्रम से होगी पढ़ाई
- एआईसीटीई ने विश्वविद्यालयों को लिखा पत्र, भारतीय लेखकों की किताबों को पढ़ाई में करें शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। इंजीनियरिंग विश्वविद्यालयों में सत्र 2019 से मॉडल पाठ्यक्रम से पढ़ाई होगी। विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को अंडरग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम में नए पाठ्यक्रम के तहत पढ़ाई करवानी अनिवार्य होगी। खास बात यह है कि छात्रों को अगले सत्र से भारतीय लेखकों की हिंदी समेत अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में लिखित इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट विषयों की किताबों से पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) प्रबंधन के मुताबिक, अंडरग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम में इंजीनियरिंग का पाठ्यक्रम तैयार हो चुका है। 2019 सत्र से सभी तकनीकी विश्वविद्यालयों को यूजी व पीजी प्रोग्राम में मॉडल पाठ्यक्रम को लागू करना अनिवार्य है। इसलिए विश्वविद्यालयों में मॉडल पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी का निर्देश दिया है। हालांकि, कुछ विश्वविद्यालयों ने सत्र 2018 में ही इसे शुरू कर दिया है। तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और मार्केट डिमांड के तहत मॉडल पाठ्यक्रम तैयार किया गया है।
तकनीकी शिक्षा में फिलहाल अधिकतर विदेशी लेखकों द्वारा लिखित किताबों से पढ़ाई करवाई जाती है। लेकिन पहली बार एआईसीटीई ने भारतीय लेखकों की तकनीकी शिक्षा की हिंदी व अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में किताबों को तैयार करवाया है।
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- तकनीकी कॉलेजों से मांगा एक्शन प्लान
इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेज अब सिर्फ फाइलों में योजनाओं को दिखाकर सरकार से फंड नहीं ले पाएंगे। दरअसल, योजनाओं के नाम पर फंड लेने के बाद भी वर्षों काम शुरू नहीं होता है। इसीलिए सरकार ने विश्वविद्यालयों से 2021 तक का एक्शन प्लान मांगा है। इस प्लान के माध्यम से विश्वविद्यालयों को अपनी योजनाओं का खाका तैयार करके देना होगा। इसी के आधार पर योजना मंजूर होने के बाद ही फंड मिलेगा।