उपहार अग्निकांड
सुशील ने पासपोर्ट आवेदन में नहीं दी थी केस की जानकारी
-क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने हलफनामा दायर कर दिया जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उपहार अग्निकांड में नामजद होने और आरोपी होने के तथ्य को रियल एस्टेट व्यवसायी सुशील अंसल ने अपने पासपोर्ट आवेदन पत्र में छिपाया था। यह बात क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने हाईकोर्ट में अपना हलफनामा दायर कर कही है। यह हलफनामा उपहार हादसा पीड़ित नीलम कृष्णामूर्ति की याचिका पर दायर किया है।
न्यायमूर्ति नजमी वजीरी की पीठ के समक्ष क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी डॉ. सत्यांजल पांडे ने हलफनामा दाखिल कर कहा है कि सुशील अंसल ने जानबूझकर केस से जुड़े तथ्यों को छिपाया। उन्होंने कहा कि 29 मार्च, 2000 को जो उन्हें पासपोर्ट जारी किया गया था। उसके आवेदन में अंसल ने अपने खिलाफ उपहार अग्निकांड संबंधित लंबित मुकदमों के बारे में नहीं बताया था।
कोर्ट के समक्ष अधिकारी ने कहा है कि सुशील अंसल ने पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए अपना दस्तावेज डाक से भेजा था और उसमें मुकदमे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उनके कार्यालय ने उनके द्वारा भेजे दस्तावेज को सही मानकार पासपोर्ट जारी किया था। उन्होंने बाद में भी दस्तावेज भेजकर मुकदमे के बारे में नहीं बताया था।
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने कहा है कि वर्ष 1996 में जो पासपोर्ट जारी किया गया था, उस समय उपहार अग्निकांड से संबंधित मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। मुकदमा वर्ष 1997 में दर्ज हुआ था। उस समय दस्तावेज के डिजिटलाइजेशन का काम चल रहा था। उसमें स्पष्ट दस्तावेज नहीं थे। उस समय कोई गलती हो गई हो तो उसके लिए मांफी मांगते हैं। आगे से ध्यान रखेंगे कि ऐसा नहीं हो।
उपहार अग्निकांड में अभियुक्त रहे सुशील अंसल को नए सिरे से पासपोर्ट जारी किए जाने को एसोसिएशन ऑफ द विक्टिम ऑफ उपहार ट्रेजडी ने चुनौती दी है। उसने कहा है कि सुशील अंसल को पासपोर्ट जारी किए जाने में पासपोर्ट कानून का उल्लंघन किया गया है। इसकी जांच करायी जाए। निचली अदालत ने इस मांग को खारिज कर दिया था।