पूर्वांचल के वोटरों पर डोरे डाल रही है आप
- पहली बार एक हजार छठ घाटों को सरकारी खर्च पर कराया तैयार
- मुख्यमंत्री समेत वरिष्ठ नेताओं ने किया घाटों को दौरा
- भाजपा अंदरूनी कलह को भी उभारने की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आम आदमी पार्टी (आप) पूर्वांचल के मतदाताओं पर डोरे डालने का कोई मौका नहीं गंवा रही है। छठ पर्व पर दिल्ली सरकार की तरफ से की गई तैयारियां इसी रणनीति का हिस्सा थीं। वहीं, पार्टी लगातार भाजपा पर पूर्वांचल के लोगों को प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाकर पार्टी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी की काट निकालने की जुगाड़ में जुटी है।
पार्टी का मानना है कि पूर्वांचल के लोगों में मनोज तिवारी का आकर्षण कम नहीं हुआ है। एमसीडी चुनाव में इसकी झलक भी मिल चुकी है। लगातार तीन बार से एमसीडी में शासन कर रही भाजपा सत्ता विरोधी लहर होने के बावजूद तीनों निगम को जीतने में कामयाबी रही। जबकि इससे पहले विधान सभा चुनाव के दौरान 70 में से 67 सीटें आप के खाते में गई थी। पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि इसकी वजह एमसीडी चुनाव में पूर्वांचल के लोगों का भाजपा के पक्ष में होना था। लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रही आप फिर पूर्वांचल के लोगों को लुभाने में लगी है। इसके तहत पार्टी ने उत्तर पूर्वी संसदीय सीट से बतौर पूर्वांचली दिलीप पांडेय को प्रभारी बनाया है। वहीं, पश्चिमी दिल्ली लोक सभा सीट का प्रभार भी पूर्वांचली नेता को देने पर मंथन चल रहा है। दूसरी ओर, पहली बार दिल्ली सरकार ने अपने खर्च पर 1000 छठ घाटों को तैयार कराया था। वहीं, मुख्यमंत्री समेत सभी वरिष्ठ नेताओं ने बीते दो दिनों में छठ घाटों का दौरा कर व्रतियों को शुभकामनाएं दी। आप का मानना है कि भाजपा के भीतर चल रहे दिल्ली व पूर्वांचल के नेताओं के बीच की रस्साकशी को उभारा जाए। आप के एक वरिष्ठ रणनीतिकार ने बताया कि मनोज तिवारी के प्रदेश अध्यक्ष बनने से दिल्ली के स्थानीय भाजपा नेता खुश नहीं है। पार्टी की बैठकों में कलह की खबरें भी आती रहती हैं। लेकिन बीते दिनों दक्षिणी दिल्ली में भाजपा के ही पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले नेता के साथ पार्टी के लोगों ने मारपीट की। आप भाजपा में चल रहे सड़क के संघर्ष को लोगों के उजागर करने में लगी है। पूर्वांचल सम्मान यात्रा निकालने के साथ आप नेता बार-बार भाजपा नेतृत्व से सवाल भी कर रहे हैं।