डिप्लोमा इन फार्मेसी के रजिस्ट्रेशन के लिए एक्जिट टेस्ट की तैयारी
फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया तैयार कर रही प्रस्ताव, केंद्र की हरी झंडी के बाद अगले सत्र से होगा लागू
संदीप वर्मा
ग्रेटर नोएडा। अगले सत्र से बिना एक्जिट टेस्ट डिप्लोमा इन फार्मेसी करने वाले विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाएगा। केंद्र सरकार की फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया इसका प्रस्ताव तैयार कर रही है। बुधवार को नॉलेज पार्क स्थित एचआईएमटी कॉलेज में पहुंचे पीसीआई के कार्यकारी सदस्य इंद्र सिंह चौहान ने अमर उजाला से यह बात कही। उन्होंने बताया कि जब से काउंसिल ने फार्मासिस्ट डिप्लोमा के बगैर मेडिकल स्टोर संचालन पर लगाम लगाई है। तब से देशभर में फार्मेसी कॉलेजों और डीम्ड यूनिवर्सिटी में फार्मेसी डिप्लोमा कोर्स की तादात बढ़ गई है। अकेले उत्तर प्रदेश में इस सत्र में करीब 140 नये कॉलेजों का रजिस्ट्रेशन हुआ है।
इंद्र सिंह चौहान ने बताया कि लगातार काउंसिल शिकायतें मिल रही हैं कि कई डीम्ड यूनिवर्सिटियां और शिक्षण संस्थान बिना गुणवत्ता परक शिक्षण के डिप्लोमा बांटने की फिराक में हैं। इन पर लगाम लगाने को लेकर एक्जिट टेस्ट का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। पीसीआई यह प्रस्ताव इसी माह केंद्र सरकार के पास भेजेगा। अनुमान है कि मार्च में पहला एक्जिट टेस्ट करा लिया जाएगा। केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद अगले सत्र से इसे लागू किया जा सकता है। टेस्ट में 50 फीसदी अंक लाना अनिवार्य किया जा सकता है। टेस्ट पास होने के बाद पीसीआई अभ्यर्थी का डाटा स्टेट काउंसिल को भेजा जाएगा। स्टेट काउंसिल ऑफ फार्मेसी छात्र का रजिस्ट्रेशन करेगी। बिना रजिस्ट्रेशन के मेडिकल स्टोर्स में दवाई बांटना या किसी अस्पताल, संस्थान में नौकरी करना अवैध होगा। प्रस्ताव को अंतिम रूप देने की तैयारी भी चल रही है।