राजधानी में प्रदूषण का स्तर बढने के कारण वायु गुणवत्ता की स्थिति खतरनाक के सूचकांक तक पहुंच जाने के लिए डीएमआरसी ने बुधवार से 21 नई ट्रेनें चलाई हैं। ये ट्रेने यात्रियों को प्रदूषण से बचाने के लिए दिनभर में 812 अतिरिक्त फेरे लगाएंगी। फेरे बढ़ने से दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के फेरों का रिकॉर्ड भी अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड होगा।
डीएमआरसी के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता खराब होने के कारण यह कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति खतरनाक के स्तर पर पहुंच गई है, जिससे लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी है।
इसी के मद्देनजर यात्रियों की सुविधा के लिए बुधवार से मेट्रो नेटवर्क पर 21 नई ट्रेनें चलाई गई हैं। बुधवार को त्रिलोकपुरी-शिव विहार सेक्शन पर चलाई गई 14 ट्रेनें भी इनमें शामिल हैं।
इन ट्रेनों के चलते दिल्ली मेट्रो नेटवर्क पर 812 अतिरिक्त फेरे लगेंगे और त्रिलोकपुरी-शिव विहार सेक्शन पर ट्रेनें दिनभर में 730 फेरे लगाएंगी। इन ट्रेनों के चलने के बाद मेट्रो नेटवर्क पर दिनभर में ट्रेनें 4831 फेरे लगाएंगी। दिल्ली मेट्रो की इतिहास में यह अब तक ट्रेन के फेरों को सबसे बड़ा आंकड़ा है।