जातिसूचक प्रश्न पूछने पर
पुलिस से की शिकायत
- डीएसएसएसबी की हिंदी भाषा की परीक्षा में पूछा गया था सवाल
- डीयू एससी, एसटी और ओबीसी टीचर्स फोरम ने की कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड की ओर से आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा में जातिसूचक प्रश्न पूछने का मामला गरमाता जा रहा है। जातिसूचक प्रश्न पूछने को लेकर चल रहे विवाद के बीच दिल्ली यूनिवर्सिटी एससी-एसटी ओबीसी टीचर्स फोरम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। एससी, एसटी के कल्याणार्थ संसदीय समिति व राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में भी शिकायत की है। फोरम ने बोर्ड के चेयरमैन के खिलाफ अनुसूचित जाति, जनजाति एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किए जाने की मांग की है।
दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) की शनिवार 13 अक्तूबर को आयोजित परीक्षा में हिंदी भाषा और बोध अनुभाग के एक प्रश्न में अनुसूचित जाति की एक जाति विशेष और समुदाय को लेकर प्रश्न पूछा गया। इस प्रश्न के पूछे जाने के कारण बोर्ड की काफी आलोचना हो रही है। ऐसे में फोरम ने मौरिस नगर थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई है।
फोरम के चेयरमैन प्रो हंसराज ने कहा कि प्रश्न पत्र में जाति विशेष पर टिप्पणी की गई थी, जिसे लेकर फोरम ने रोष जताते हुए शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही संसदीय समिति व राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को भी शिकायत दी हैै। फोरम ने शिकायत करने से पूर्व इस संदर्भ में बैठक की, जिसमें शिक्षकों ने प्रश्न पत्र बनाने वाले व चयन बोर्ड के चेयरमैन को तत्काल उसके पद से बर्खास्त करने की मांग की है। इसके लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, उपराज्यपाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा गया है। साथ ही उस अधिकारी के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। फोरम ने चेतावनी दी है कि यदि किसी तरह की कोई कार्रवाई एससी, एसटी संसदीय समिति, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, दिल्ली पुलिस द्वारा नहीं की गई तो शिक्षकों की ओर से आंदोलन किया जाएगा।