आईआईटी में अंतरराष्ट्रीय संयुक्त
पीएचडी के लिए 31 तक आवेदन
- तीन वर्ष भारत में तो एक वर्ष आस्ट्रेलिया में शोध का मौका, दो सुपरवाइजर करेंगे निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आईआईटी दिल्ली में चार वर्षीय अंतरराष्ट्रीय संयुक्त पीएचडी प्रोग्राम के लिए दाखिला आवेदन विंडो खुल गई है। इंजीनियरिंग, सोशल साइंस, मैथमेटिक्स साइंस एंड टेक्नोलॉजी व ह्यूमैनिटीज के छात्र सत्र दिसंबर 2018 में पीएचडी दाखिले के लिए 31 अक्तूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस प्रोग्राम में भारत और आस्ट्रेलिया के छात्रों को दोनों देशों के सुपरवाइजर की अध्यक्षता में पीएचडी का मौका मिलेगा।
देश में पहली बार अंतरराष्ट्रीय संयुक्त पीएचडी प्रोग्राम में दाखिले के लिए आईआईटी दिल्ली और यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड ने आवेदन विंडो ओपन की है। अंतरराष्ट्रीय संयुक्त पीएचडी प्रोग्राम चार वर्ष का होगा। इसमें भारतीय छात्र को भारत में तीन वर्ष और आस्ट्रेलियन छात्र को आस्ट्रेलिया में तीन वर्ष पढ़ाई करनी पड़ेगी। एक साल की पढ़ाई एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत होगी। दो सुपरवाइजर होने के चलते छात्रों को रिसर्च में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
दिसंबर 2018 सत्र के लिए 15 छात्रों को दाखिला मिलेगा, जबकि जुलाई 2019 में 35 छात्रों का चयन किया जाएगा। उसके अगले साल यह संख्या 70 से 80 तक पहुंचेगी, जो कि प्रति वर्ष बढ़ती जाएगी। छात्रों के विदेश जाने का खर्चा यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड वहन करेगी।
---
- पर्यावरण, प्रदूषण, स्वास्थ्य, पानी, खेती उभरते विषय
आईआईटी प्रबंधन के मुताबिक, आस्ट्रेलियन छात्र भारत में पर्यावरण, प्रदूषण, स्वास्थ्य (अलग प्रकार की बीमारियां), पानी की कमी, खेती (ज्यादा रासायनिक खाद के प्रयोग से फसल जहरीली हो रही है), पब्लिक हेल्थ जैसे क्षेत्रों में शोध के बेहतर विकल्प हैं। संयुक्त पीएचडी शोध से भारत की इन दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलेगी।