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शस्त्र लाइसेंस जारी करने में आठ श्रेणी को मिलेगी वरीयता

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शस्त्र लाइसेंस जारी करने में आठ श्रेणियों को वरीयता
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जिला प्रशासन को शस्त्र लाइसेंस से रोक हटने का आदेश मिला
कलेक्ट्रेट में लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों का आना शुरू हुआ

अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन को शस्त्र लाइसेंस से रोक हटने का आदेश मंगलवार को मिल गया है। आदेश में आठ श्रेणियों में लाइसेंस जारी करने को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, तय श्रेणियों के अलावा अन्य लोगों को लाइसेंस मिलेगा या नहीं, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। वहीं रोक हटने के बाद कलेक्ट्रेट में लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों का आना शुरू हो गया है।
शस्त्र लाइसेंस की संख्या बढ़ने के कारण हाईकोर्ट ने प्रदेश में लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा दी थी। केवल अपराध पीड़ित, जानलेवा हमले के पीड़ित और गवाह को ही लाइसेंस जारी किया जा रहा था। जिले में बाकी सभी आवेदनों को निरस्त कर दिया गया था। अब प्रदेश सरकार ने लाइसेंस जारी करने पर रोक को हटा दिया है। रोक हटने के तुरंत बाद लोगों ने लाइसेंस बनवाने के लिए संपर्क शुरू कर दिया है।
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हालांकि, आठ श्रेणियों को वरीयता देने से भ्रम की स्थिति बनी हुई है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आठ श्रेणियों के अलावा अन्य लोगों का लाइसेंस जारी किया जाएगा। अफसरों का कहना है कि आदेश का आंकलन किया जा रहा है। उसके बाद शासन स्तर से स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
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इन श्रेणियों को मिलेगी वरीयता
-अपराध पीड़ित
-विरासत
-व्यापारी/उद्यमी
-बैंक/संस्थागत/वित्तीय संस्था
-विभिन्न विभागों के ऐसे कर्मी, जो प्रवर्तन में कार्यरत हैं
-सैनिक/अर्धसैनिक/पुलिस बल के कर्मी
-एमएलए/एमएलसी/एमपी
-राज्य/राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज

शासनादेश मिल गया है। उसमें आठ श्रेणियों में शस्त्र लाइसेंस जारी करने की वरीयता दी है। उनके अलावा अन्य को लाइसेंस मिलेगा या नहीं, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।’
-गुंजा सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट, ग्रेनो




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