चुनावी दिशानिर्देश बनाने के लिए याचिका दायर
-सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव की घोषणा से पहले दिशानिर्देश बनाने का दिया था आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अपराधिक मामलों में नामजद नेताओं के चुनाव लड़ने के लिए दिशा-निर्देश बनाए बिना ही पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में दिशानिर्देश बनाने का निर्देश चुनाव आयोग को दिया था, लेकिन इसका पालन किए बगैर ही चुनाव आयोग ने छह अक्तूबर को चुनाव संबंधी घोषणा कर दी। इस याचिका पर हाईकोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगी।
हाईकोर्ट में पेश याचिका में कहा गया है कि चुनाव आयोग को निर्देश दिया जाए कि वह सात दिनों के भीतर सभी राजनीतिक पार्टियों से अपने प्रत्याशियों का रिकार्ड सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार प्रचारित करने को कहे। इसका प्रचार वह खुद भी मीडिया के माध्यम से करे। पेश याचिका अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दायर की है। याची का कहना है कि चुनाव आयोग से सभी प्रत्याशियों के बारे में बड़े-बडे अक्षरों में उसकी शैक्षणिक योग्यता, उम्र, आपराधिक रिकार्ड (कितने में आरोप पत्र दाखिल किए और कितने में आरोप तय हुए हैं तथा अपराध किस तरह का है), अपने व अपने रिश्तेदारों की सभी चल व अचल संपत्ति की जानकारी सभी तरह के बैनर, पोस्टर व होर्डिंग में प्रचारित करने का निर्देश दिया जाए। पोस्टर के हिसाब से उसके छवि की जानकारी कम से कम 33 फीसदी जगह में होने को कहा जाए। ऐसा नहीं करने वाले का नामांकन पत्र निरस्त कर देने की घोषणा करने व चुनाव जीत जाने पर भी उसकी उम्मीदवारी रद्द कर देने की घोषणा की जाए।