अल्पसंख्यक आयोग ने गायत्री मंत्रोच्चारण के आदेश पर उठाए सवाल
पूछा, एनडीएमसी के स्कूलों में इस तरह का सर्कुलर क्यों किया गया जारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग ने निगम के स्कूलों में गायत्री मंत्र उच्चारण के मामले में उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एनडीएमसी के शिक्षा विभाग ने 6 सितंबर को सर्कुलर जारी कर सुबह की सभा में राष्ट्रगान, प्रार्थना, देशभक्ति के नारों के साथ गायत्री मंत्रोच्चारण करवाने का आदेश दिया है। आयोग का कहना है कि यह हमारी शिक्षा व्यवस्था के धर्म निरपेक्ष भावना के खिलाफ है।
आयोग के चेयरमैन जफरुल इस्लाम खान के मुताबिक एनडीएमसी से पूछा है कि इस तरह का सर्कुलर जारी कर स्कूलों में छात्रों से गायत्री मंत्रोच्चारण करवाने का आदेश क्यों दिया गया है। इन स्कूलों में अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र व शिक्षक हैं। वह यह मंत्रोच्चारण करना स्वीकार नहीं करेंगे। क्या यह हमारी शिक्षा प्रणाली की धर्म निरपेक्ष भावना के खिलाफ नहीं है।
दूसरी ओर इस मामले में एनडीएमसी अधिकारी बचाव की मुद्रा में आ गए हैं। उनका कहना है कि स्कूलों में गायत्री मंत्रोच्चारण अनिवार्य नहीं है। निगम की शिक्षा समिति की चेयरमैन रीतू गोयल का कहना है कि आयोग द्वारा नोटिस जारी किये जाने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। लेकिन स्कूलों में गायत्री मंत्रोच्चारण करना अनिवार्य नहीं है। चेयरमैन के मुताबिक यह सर्कुलर केवल मंत्रोच्चारण के लिए नहीं है। इसमें छात्रों की व्यक्तिगत स्वच्छता व उनकी देखभाल के संबंध में भी निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि राजधानी में निगम 765 स्कूल चलाती है। इनमें करीब 2.2 लाख छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं।