बुखार से पीड़ित मासूम का पैर हुआ कमजोर
- परिजनों ने जताई पोलियो के शिकार की आशंका, स्वास्थ्य विभाग ने किया इनकार
- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर की लोगों की जांच
दीपक सिंघल
रबूपुरा। गांव रौनीजा में बुखार से पीड़ित साढ़े तीन साल के बच्चे का पैर टेढ़ा और कमजोर हो गया है। इससे परिजन और ग्रामीण बच्चे के पोलियो का शिकार होने की आशंका जता रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग पोलियो होने की बात से इनकार कर रहा है। इस बीच बच्चे के पैर में समस्या की सूचना पर गांव पहुंची राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चे की जांच की और गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया। टीम के डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे का स्टूल टेस्ट के लिए भेज जाएगा।
गांव के अनिल कुमार का साढ़े तीन वर्षीय बेटा आदित्य दस दिन पूर्व बुखार की चपेट में आ गया था। निजी चिकित्सक से उसका उपचार कराया गया। परिजनों का कहना है कि बुखार के बाद से ही आदित्य का बायां पैर कमजोर व टेढ़ा हो गया है। परिजन उसके पैर को देखकर पोलियो जैसे लक्षण होने का दावा कर रहे हैं। इसकी सूचना उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को देकर उपचार की मांग की है। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चे का परीक्षण किया है।
बच्चे के पैर में समस्या की सूचना पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य विभाग के डॉ. सुगन पाल सिंह, डॉ. जूही व डॉ. असलम खां की टीम ने गांव में कैंप लगाकर बच्चे के हाथ व पैरों की जांच के साथ-साथ अन्य लोगों के स्वास्थ्य का भी परीक्षण किया।
गांव में कई लोग हैं बीमार
रौनीजा गांव के कई ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं। इसमें महिलाओं और बच्चों की संख्या भी अच्छी खासी है। ग्रामीणों ने गंदगी के कारण बीमारी फैलने का आरोप लगाया है।
अब तक की जांच में बच्चे में पोलियो जैसी बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए हैं। बच्चे की बीमारी के दौरान कोई इंजेक्शन के इंफेक्शन के कारण भी बीमारी हो सकती है। बच्चे के स्टूल की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही इस बीमारी के संबंध में स्पष्ट जानकारी होगी। - डॉ. रोशन लाल, चिकित्सा अधीक्षक, जेवर