सरकारी स्कूलों में लैंग्वेज व नृत्य-संगीत के लिए खुलेंगे 12 क्लब
- पांच क्लब लैंग्वेज व 7 क्लब अन्य गतिविधियों के लिए होंगे
- दिल्ली सरकार के वित्त विभाग ने स्थापित करने की दी मंजूरी
रश्मि शर्मा
नई दिल्ली । दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ सह-शैक्षणिक गतिविधियों में बेहतर करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके तहत स्कूलों में 12 स्टूडेंट क्लब खोले जाएंगे। इनमें पांच लैग्वेंज व सात गतिविधियों के क्लब होंगे। सरकार के वित्त विभाग ने इन्हें स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। इन क्लबों के बनने से स्कूलों में पहले से चल रहे क्लब खत्म नहीं होंगे। प्रत्येक विद्यार्थी अधिकतम तीन क्लब का हिस्सा बन सकेंगे। क्लब की गतिविधियां प्रत्येक शनिवार को दो पीरियड में आयोजित होंगी।
शिक्षा निदेशालय ने क्लब खोलने के संबंध में निर्देश सभी सरकारी स्कूल प्रमुखों को जारी कर दिए हैं। अतिरिक्त शिक्षा निदेशक डॉ सरोज सैनी की ओस से जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रत्येक स्कूल में पांच लैंग्वेज(हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, ऊर्दू, पंजाबी) व साइंस, गणित, स्पोर्ट्स और योगा, विजियुअल आर्ट, परर्फोमिंग आर्ट(म्यूजिक एंड डांस), एंटी बुलिंग एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन व स्टूडेंट काउंसिल गतिविधियों के लिए सात क्लब होंगे। स्कूलों में सभी मौजूदा सह-पाठ्यचर्या और खेल गतिविधियों को इन 12 क्लबों में से एक या अन्य के साथ सम्मिलित किया जाएगा। इन क्लब में होने वाली गतिविधियों के प्रत्येक क्लब के हिसाब से प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस तरह से स्कूल को 10 हजार रुपये एक क्लब के लिए मिलेंगे।
क्लब के लिए दी राशि का अन्य कार्य में नहीं होगा प्रयोग
स्कूल प्रमुखों को भेजे गए निर्देशों में स्पष्ट कर दिया गया है कि क्लब के लिए जो धनराशि दी जाएगी, उसे स्कूल किसी अन्य कार्य में नहीं लगा सकेंगे। प्रत्येक क्लब के लिए एक टीचर इंचार्ज व एक सहायक शिक्षक को नियुक्त किया जाएगा। दिव्यांग विद्यार्थी भी इन क्लब का हिस्सा बनेें, इसके लिए उन्हें क्लब में हिस्सा लेने के प्रेरित किया जाएगा।
प्रत्येक क्लब के लिए कार्यकारी समिति होगी
प्रत्येक क्लब के लिए एक कार्यकारी समिति भी होगी, जिसमें चुनाव हर साल होगा। इसमें विद्यार्थियों में से ही एक अध्यक्ष, एक कोषाध्यक्ष व तीन महासचिव होंगे। क्लब की गतिविधियां प्रत्येक शनिवार को दो पीरियड में होंगी। स्कूल में जो हाउस सिस्टम चलता है वह पहले की भांति चलता रहेगा। निदेशालय ने क्लब के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों के संबंध में भी स्कूल प्रमुखों को जानकारी जारी कर दी है।