नए चिकित्सीय कानून का आईएमए ने किया विरोध
नई दिल्ली। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) अध्यादेश पर केंद्र सरकार के फैसले की कड़ी निंदा की है। आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रवि वानखेड़कर का कहना है कि सरकार चिकित्सा बिरादरी के विरोध की अनदेखी कर यह अध्यादेश लाई है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर हमला करार दिया। इसको लेकर 28 सिंतबर को आईएमए ने मुंबई में सभी राज्यों के आईएमए के अध्यक्षों एवं सचिवों की बैठक बुलाई है, जिसमें सरकार के इस अध्यादेश को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश के 300 से अधिक निजी मेडिकल कालेजों में 40 फीसदी प्रबंधन के कोटा जैसे जनहित के मुख्य मुद्दे को नजरअंदाज किया गया है। बगैर डॉक्टरों की सहमति के अध्यादेश लाना दर्शाता है कि सरकार निजी मेडिकल कालेजों की लॉबी के साथ मिलकर काम कर रही है।