हमारे सैनिकों ने हौसले से लिखीं शौर्य गाथाएं : वी.के सिंह
- इजरायल के शहर हाइफा की आजादी में शहीद 900 भारतीय जवानों को दी गई श्रद्धांजलि
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। इजरायल के शहर हाइफा की आजादी के संघर्ष में शहीद हुए 900 भारतीय सैनिकों के बलिदान के 100 साल पूरे होने पर रविवार को इंडो-इजरायल फ्रैंडशिप फोरम की ओर से तीन मूर्ति हाइफा चौक पर शताब्दी समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर भारतीय सेना के शहीद को श्रद्धांजलि दी गई।
जनरल वीके सिंह ने कहा कि इस वर्ष हाइफा के संघर्ष में भारतीय जवानों के बलिदान को 100 साल पूरे हो चुके हैं। भारत सर्वधर्म का आश्रय स्थल रहा है। भारतीय सेना ने सिर्फ देश ही नहीं, विदेशी धरती पर भी अपनी रक्त से शौर्य गाथाएं लिखी हैं। हाइफा भी इसी का एक हिस्सा था। इजरायली एंबेसी की डिप्टी चीफ माया कोडाश ने कहा कि मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने इजरायल का दौरा कर दोनों देशों के संबंधों को मजबूती दी। जनवरी 2018 में इजरायली प्रधानमंत्री के भारत दौरे पर तीन मूर्ति चौक का नाम बदलकर तीन मूर्ति हाइफा चौक किया गया। कोडाश ने कहा कि इन शहीदों की शौर्य गाथाएं इजरायल के स्कूलों में सिलेबस का हिस्सा है। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इस युद्ध में तीन भारतीय रेजीमेंट-जोधपुर लांसर्स, मैसूर लांसर्स और हैदराबाद लांसर्स ने हाइफा की आजादी के लिए ऑटोमन साम्राज्य के खिलाफ लड़ाई लड़ी और 24 घंटों के भीतर जीत हासिल की थी। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। इनके साथ विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह, राजस्थान अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह, आरएसएस के वरिष्ठ नेता रवि कुमार, इंडो-इजरायल फ्रेंडशिप फोरम के अध्यक्ष लेफ्टीनेंट जनरल आर एन सिंह समेत कई गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की। यह कार्यक्रम तीन मूर्ति हाइफा चौक पर आयोजित किया गया।