पाकिस्तान के लिए जासूसी मामले में समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद मुनव्वर हसन के निजी सचिव फरहत अख्तर खान को अदालत से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने फरहत को इस मामले में बरी कर दिया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसे 2016 में गिरफ्तार किया था।
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने फरहत के खिलाफ अभियोजन पक्ष द्वारा पर्याप्त सबूत न जुटा पाने की स्थिति में पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों से बरी कर दिया। हालांकि कोर्ट ने मामले में अन्य तीन आरोपियों मौलाना रमजान खान, सुभाष जांगिड़ और शोएब हुसैन के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत आरोप तय किए हैं।
क्राइम ब्रांच ने फरहत को पाकिस्तान के लिए संसद की गुप्त जानकारियों की जासूसी के शक में गिरफ्तार किया था। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तान उच्चायोग के एक अधिकारी महमूद को भी गिरफ्तार किया था। बाद में राजनीतिक प्रतिरक्षा के चलते उसका नाम आरोप पत्र में शामिल नहीं किया गया और उसे पाकिस्तान भेज दिया गया।
आरोप पत्र में कहा गया था कि फरहत लंबे वक्त तक मुजफ्फरनगर यूपी के मरहूम सांसद मुनव्वर हसन का पीए रहा था और 20 साल से ज्यादा वक्त से वह पाक के लिए जासूसी कर रहा है। इसके लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई उसे पैसे देती थी। फरहत 1996 से दिल्ली में सांसदों के पीए का काम कर रहा है और शक था कि वो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को संसद और कई अन्य जानकारियां दिया करता था।