लोकनायक में स्टाफ की कमी
से बंद पड़े 10 वेंटिलेटर बेड
- स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अस्पतालों के वेंटिलेटर की स्थिति की मांगी थी रिपोर्ट
- स्वास्थ्य मंत्री स्टाफ की जल्द भर्ती करने का दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एक ओर दिल्ली सरकार के अस्पतालों में वेंटिलेटर की कमी के कारण मरीजों की जान सांसत में रहती है। वहीं, सरकार के सबसे बड़े अस्पताल लोकनायक में कई माह से 10 वेंटिलेटर वाले बेड स्टाफ के अभाव में बंद पड़े हैं। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इस बारे में कई बार स्वास्थ्य विभाग और सरकार को पत्र लिखा गया लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। अब सरकार ने जल्द स्टाफ नियुक्ति करने का आश्वासन दिया है।
दरअसल, साल 2016 में मुख्यमंत्री के आदेश पर 125 वेंटिलेटर बेड खरीदकर विभिन्न अस्पतालों को दिए गए थे। ज्यादातर अस्पतालों में यह सुविधा मरीजों को मिलने लगी लेकिन लोकनायक में स्टाफ की कमी के कारण 25 में से महज 15 वेंटिलेटर बेड ही चालू हो पाए। जबकि स्टाफ की कमी के कारण 10 बेड कबाड़ हो रहे हैं। कुछ समय पहले स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक से सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर की स्थिति के बारे में रिपोर्ट मांगी थी।
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के डीन और अस्पताल के कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस रामजी ने बताया कि अस्पताल में सभी वेंटिलेटर काम कर रहे हैं। केवल 10 वेंटिलेटर ऐसे हैं जो टेक्रीशियन की कमी के चलते बंद पड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन पदों को जल्दी भरने का आश्वासन दिया है। उधर, स्वास्थ्य मंत्री ने दो दिन पहले स्वास्थ्य सचिव को इस मामले में सात दिन के भीतर एक्शन रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए हैं।