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े ट्रोल डीजल दाम वृद्घि

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हाईकोर्ट का पेट्रोल-डीजल की कीमत वृद्धि नीति में दखल से इंकार
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सरकार को संबंधित दस्तावेज पेश करने का निर्देश देने की मांग की याचिका खारिज

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । हाईकोर्ट ने पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि के मामले में दायर आवेदन बुधवार को खारिज कर दिया। याचिका में सरकार से वह फार्मूला बताने का आग्रह किया गया था, जिसके आधार पर तेल कंपनियां भारतीय बाजार के लिए पेट्रोल व डीजल के दाम तय करती हैं। मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व न्यायमूर्ति वीके राव की खंडपीठ ने सरकार की मूल्य नीति में दखल देने से इंकार करते हुए पूजा महाजन की याचिका खारिज कर दी। याची की ओर से आवेदन दायर कर अधिवक्ता अरुण मैत्री ने कहा कि पेट्रोल व डीजल के दैनिक दाम तय करने का अधिकार सरकार तेल कंपनी को नहीं दे सकती। तेल कंपनियां किस फार्मूले के आधार पर दाम तय करती हैं, यह किसी को पता नहीं। कंपनियों द्वारा दामों में वृद्धि के कारण आम जनता परेशान है।
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कोर्ट में आवेदन पेश कर कहा गया है कि पेट्रोल व डीजल के दामों में वृद्धि कच्चे तेल के दामों में वृद्धि के आधार पर किया जाता है। लेकिन, सचाई यह है कि कच्चा तेल रोजाना नहीं खरीदा जाता। इसके बाद भी बढ़े हुए दाम देने के लिए जनता को विवश किया जा रहा है। इतना ही नहीं, सरकार कच्चा तेेल बैरल के दाम पर खरीदती है, लेकिन देश में उसकी बिक्री प्रति लिटर के हिसाब से करती है।
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