कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने व्यापारी चार्टर जारी किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । भारत व्यापार बंद को लेकर कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने एक व्यापारी चार्टर जारी किया है। इसमें कहा गया है कि वालमार्ट-फ्लिपकार्ट डील ईस्ट इंडिया कंपनी की भारत में वापसी जैसी है। खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश एक तरह से विदेशी कंपनियों का भारतीय खुदरा व्यापार पर कब्जा करने जैसा है।
चार्टर में यह भी मांग की गई है की जीएसटी में केवल दो प्रकार की टैक्स रखी जाए। जुर्माना दस हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। जेल की सजा का प्रावधान भी समाप्त किया जाए। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा होना चाहिए। मंडी शुल्क समाप्त होना चाहिए। सिंगल ब्रांड रिटेल में 100 प्रतिशत की एफडीआई की अनुमति को वापिस लिया जाए।
कंफेडरेशन के महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि वालमार्ट-फ्लिपकार्ट डील से छोटा व्यापार जगत बर्बाद हो जाएगा। इसे लेकर कंफेडरेशन ने 28 सितंबर को भारत बंद की घोषणा की गई है। इस बाबत एक चार्टर जारी कर सरकार से ई कॉमर्स में विदेशी निवेश की अनुमति प्रदान नहीं करने और एक नई नीति बनानेे की मांग की गई है।