हेड : महिला यौन उत्पीड़न के खिलाफ सरकार चलाएगी अभियान
लोगों को किया जाएगा जागरूक; टीवी, रेडियो, सिनेमा हॉल, मेट्रो में एक्ट की दी जाएगी जानकारी
- उपमुख्यमंत्री ने की समीक्षा बैठक में लिया फैसला, बाजारों व आवासीय कॉलोनियों ने नुक्कड़ नाटक होंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । दिल्ली में कार्य स्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने जा रही है। इस दौरान कार्य स्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013 के प्रावधानों पर बात होगी। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का मानना है कि सख्त प्रावधान होने के बावजूद अनौपचारिक क्षेत्र के लोगों में कानून की ज्यादा जानकारी नहीं है। ऐसे में जागरूकता अभियान चलाना जरूरी है।
मनीष सिसोदिया ने सोमवार को महिला व बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर दिल्ली के 11 जिलों में कानून की मौजूदा स्थिति, चुनौती व सुधार के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेशक कानूनी प्रावधान है, लेकिन अनौपचारिक क्षेत्र में इसके प्रति जागरूकता नहीं है। ऐसे में बैठक में बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान लांच करने का फैसला लिया गया।
31 नवंबर तक आंतरिक कमेटियों के गठन का फैसला
अभियान के तहत अगले दो महीने तक टीवी, रेडियो, सिनेमा हॉल, दिल्ली मेट्रो में एक्ट के बारे में नियमित तौर पर जानकारी दी जाएगी। वहीं, बाजारों व आवासीय कालोनियों ने नुक्कड़ नाटक आयोजित होंगे। 31 नवंबर तक सभी संस्थानों में आंतरिक कमेटियों को गठन अनिवार्य होगा। गौरतलब है कि अधिनियम के तहत 10 से ज्यादा कर्मियों वाले सभी सरकारी, निजी और गैर-सरकारी संस्थानों में एक आंतरिक कमेटी बननी है। जबकि अनौपचारिक क्षेत्र के लिए जिला स्तर पर एक कमेटी का गठन होना चाहिए।
कानूनी प्रभावी, भावना के अनुरूप लागू करने की जरूरत : सिसोदिया
उपमुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि यह बेहद प्रभावी कानून है। इसे भावना के अनुरूप लागू करने की सख्त जरूरत है। जिला कमेटियां कानून के क्रियान्वयन में बेहद कारगर भूमिका अदा कर सकती हैं। दिल्ली में महिलाओं को काम का सुरक्षित माहौल देना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने जिलाधिकारियों को आदेश दिया कि जिन जगहों पर कमेटियों को गठन हो गया है, वहां इनके लिए जगह तय की जाए। इससे कमेटियों को कार्य करने में सहूलियत होगी।