फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्कूलों में बच्चों को आपदा से बचाएगा इमरजेंसी अलॉर्म सिस्टम

विज्ञापन
विज्ञापन
स्कूलों में बच्चों को आपदा से
विज्ञापन

बचाएगा इमरजेंसी अलार्म

- आपदा से निपटने के लिए शिक्षा निदेशालय ने एक्शन प्लान तैयार किया
- आपातकालीन आपदा प्रबंधन टीम होगी गठित, टीम में बच्चे भी होंगे शामिल

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने स्कूलों में किसी भी तरह की आपदा से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। शिक्षा निदेशालय ने भूकंप, आग, हिंसा, भगदड़, आतंकी खतरा, आत्महत्या का प्रयास, खराब मिड डे मील से बच्चे बीमार होने आदि से निपटने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है। प्लान के तहत न केवल स्कूलों में बच्चों को आपदा से बचाने के लिए इमरजेंसी अलार्म सिस्टम लगेंगे, बल्कि आपातकालीन आपदा प्रबंधन टीम का भी गठन होगा। खास बात यह है इस टीम में बच्चे भी शामिल होंगे।
शिक्षा निदेशालय का मानना है कि स्कूल एक ऐसा स्थान है जहां विभिन्न आयु वर्ग के हजारों बच्चे पढ़ते हैं। बच्चों के समय का एक बड़ा हिस्सा लगभग छह घंटे स्कूल में ही व्यतीत होते हैं। ऐसे में स्कूल परिसर में बच्चे सुरक्षित रहें, यह स्कूल प्रमुख व कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। ऐसे में निदेशालय ने स्कूलों से कहा है कि आपदा से बचाव के लिए अनिवार्य रूप से साउंड इमरजेंसी अलार्म सिस्टम होना चाहिए। इसके साथ ही एक आठ सदस्यीय टीम भी होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

टीम में अध्यक्ष स्कूल प्रमुख, उपप्रधानाचार्य या वरिष्ठ शिक्षक सदस्य, आपदा प्रबंधन नोडल इंचार्ज सदस्य, तीन शिक्षक सदस्य व दो छात्र सदस्य होने चाहिए। इस टीम का कार्य होगा कि वह बिना समय गंवाए व बिना हड़बड़ाए अलर्ट हो और डीएम, स्थानीय राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कार्यालय, पुलिस, अग्निशमन विभाग, एंबुलेंस, अस्पताल को जरूरत होने पर संपर्क करे। आपदा से प्रभावित छात्रों व कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार दें, प्रभावित छात्रों के अभिभावकों से संपर्क करें। इसके साथ ही कुछ समय के अंतराल के बाद आपदा प्रबंधन के लिए मॉक ड्रिल हो, स्कूल की प्रमुख जगहों पर जरूरी नंबर प्रदर्शित किए जाएं, भूकंप रोधी नियमों के तहत स्कूल की इमारत का निर्माण किया जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें