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जेवर एयरपोर्ट: 25 सितंबर तक जारी हो सकती है अधिसूचना, प्रशासन जल्द ही शासन को भेजेगा प्रस्ताव

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Jewar Airport
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जेवर में प्रस्तावित एयरपोर्ट की जमीन पर किसानों की सहमति मिलने के बाद अब अधिसूचना जारी करने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला प्रशासन की तरफ से आज शासन को प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। वहां से निर्देश मिलने पर अधिसूचना जारी की जाएगी। माना जा रहा है कि 25 सितंबर के आसपास अधिसूचना जारी की जा सकती है।

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जिला प्रशासन के मुताबिक 100 करोड़ रुपये से कम कीमत की जमीन का अधिग्रहण जिला प्रशासन खुद के स्तर से कर सकता है, लेकिन इससे अधिक होने पर शासन से निर्देश लेना पड़ता है। जेवर में प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित होने वाली जमीन का मुआवजा 100 करोड़ रुपये से अधिक होने के कारण शासन को प्रस्ताव आज भेज दिया जाएगा। वहां से निर्देश मिलते ही अधिसूचना लागू कर दी जाएगी।

दूसरी तरफ एयरपोर्ट की नोडल एजेंसी यीडा ने पर्यावरण की एनओसी के लिए प्रस्ताव तैयार कर मंत्रालय को भेज दिया है। अधिसूचना लागू होने के साथ ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है, जिससे कि दिसंबर से पहले कंपनी का चयन कर प्रधानमंत्री से शिलान्यास कराया जा सके।
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‘सपा ने चार गुना मुआवजे का एलान किया था’
सपा सरकार में मंत्री रहे मदन चौहान ने कहा कि उनकी सरकार ने भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा देने की व्यवस्था की थी, लेकिन मौजूदा सरकार किसानों को न तो उचित मुआवजा दे रही है और न ही उचित पुनर्वास नीति के तहत आवास उपलब्ध करा रही है। उन्होंने सभी किसानों को एकजुट होकर किसान विरोधी नीति का विरोध करने को कहा।

रविवार को जेवर एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहण होने वाली जमीन के मुआवजे पर दयानतपुर में पंचायत हुई, जिसमें किसानों ने चार गुना मुआवजा न मिलने आंदोलन करने और कोर्ट जाने तैयारी का एलान किया। इसमें सपा के पूर्व मंत्री मदन चौहान, जिलाध्यक्ष वीर सिंह यादव, विधानसभा प्रत्याशी नरेंद्र नागर भी किसानों के बीच पहुंचे और किसानों के चार गुना मुआवजे की मांग को उचित बताया। उन्होंने किसानों के आंदोलन को समर्थन देने की बात कही। वहीं, मनवीर तेवतिया भी किसानों से मिलने पहुंचे, लेकिन वे जल्द वापस चले गए। पंचायत में कहा गया कि 70 प्रतिशत किसानों ने भले ही सहमति दे दी हो, लेकिन बचे हुए किसान सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा लेकर ही जमीन देंगे।

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