जामिया मिलिया इस्लामिया, जेएनयू, डीयू, पंजाब यूनिवर्सिटी व इग्नू का सेंटर ऑफ वूमन स्ट्डीज अब देशभर के सुधार गृहों में बच्चों की स्थिति पर रिसर्च करेगा। पटना स्थित सुधार गृह में हुई घटना से सबक लेते हुए अब सरकार सेंटर ऑफ वूमन स्ट्डीज के माध्यम से सुधार गृहों पर नजर रखेगी। इनकी रिसर्च रिपोर्ट के आधार पर सरकार कमियों में सुधार लाएगी।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा के मुताबिक, सुधार गृह सीधे राज्य सरकार के अधीन होते हैं। ऐसे में वहां बच्चों की दिक्कतों की सही जानकारी नहीं मिल पाती है। विश्वविद्यालयों में स्थापित सेंटर ऑफ वूमन स्ट्डीज में बच्चों व महिलाओं के क्षेत्र में काम होता है। सेंटर ऑफ वूमन स्ट्डीज के माध्यम से सुधार गृहों की स्थिति पर जानकारी के लिए पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया है।
पायलट प्रोजेक्ट के लिए जामिया मिलिया इस्लामिया, जेएनयू, डीयू, पंजाब यूनिवर्सिटी, इग्नू, एसएनडीटी वूमन यूनिवर्सिटी, मुंबई यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ पूना, बंगलूरू यूनिवर्सिटी, श्री पद्मावती महिला विश्वविद्यालय आंध्र प्रदेश, यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद के सेंटर ऑफ वूमन स्ट्डीज को चुना गया है। इस काम में नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग, नेशनल फोरम फॉर सिंगल वूमन राइट उदयपुर राजस्थान व कोलकाता सहयोग करेंगे।