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अब जेवर टू आईजीआई वाया ईस्टर्न पेरिफेरेल एक्सप्रेसवे का प्लान

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हेडिंग: जेवर से आईजीआई एयरपोर्ट को जोड़ने की एक और योजना
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सबहेड: ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर मानेसर से आगे आईजीआई तक अलग से बन सकती है सड़क
यमुना प्राधिकरण जल्द कराएगा सर्वे
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20 किलोमीटर है मानेसर से आईजीआई एयरपोर्ट की दूरी
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट को इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से जोड़ने की एक और योजना बनाई जा रही है। इसके मुताबिक जेवर के पास से गुजर रहे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर मानेसर से आगे आईजीआई तक सड़क बनाई जाएगी। जल्द ही इसके लिए सर्वे कराया जाएगा।
दरअसल, नोएडा एयरपोर्ट को सबसे अधिक यात्री दिल्ली-एनसीआर से मिलेंगे, ऐसे मेें इसकर निर्माण शुरू होने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर से इसकी कनेक्टिविटी के लिए भी काम शुरू करने की योजना है। जेवर और इंदिरा गांधी एयरपोर्ट को जोड़ने का बेहतर विकल्प तलाशा जा रहा है। पहले दोनों एयरपोर्ट के बीच एलिवेटेड रोड बनाने पर विचार शुरू हुआ था, लेकिन इसके निर्माण पर करीब 18 हजार करोड़ रुपये के खर्च को देखते हुए आईजीआई को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के रास्ते नोएडा एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना है। मानेसर से आईजीआई की दूरी करीब 20 किमी है। दोनों के बीच सड़क बनने से आईजीआई से आने वाले वाहन मानेसर से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर चढ़ेंगे और यमुना एक्सप्रेसवे से होकर जेवर में एयरपोर्ट तक आसानी से जा सकेंगे। एलिवेटेड रोड की तुलना में इसकी लागत भी कम आएगी। जेवर से आईजीआई की दूरी 40 किलोमीटर से अधिक है। यमुना प्राधिकरण अब इस योजना पर सर्वे कराने जा रहा है। एजेंसी के चयन के लिए शीघ्र आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) निकाला जाएगा। यह एजेंसी दोनों एयरपोर्ट को जोड़ने के अन्य विकल्पों पॉड टैक्सी, मैट्रीनो, हाइपर लूप, ट्राम, रैपिड बस ट्रांसपोर्ट आदि पर सुझाव देंगी।
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एयरपोर्ट : छह गांवों की जमीन लेने का प्रस्ताव शासन को जल्द
एयरपोर्ट के पहले चरण के लिए छह गांवों की जमीन लेने का संशोधित प्रस्ताव शासन को जल्द ही भेज दिया जाएगा। इससे पहले आठ गांवों की जमीन ली जानी थी। प्रशासन के मुताबिक पूर्व में आठ गांवों के भू-अर्जन का प्रस्ताव था, जिसमें रोही, पारोही, किशोरपुर, दयानतपुर, रामनेर, रन्हेरा, मुकीमपुर सिवारा, बनबारीवास शामिल थे, लेकिन अब रामनेर व मुकीमपुर सिवारा को अधिग्रहण से बाहर करते हुए छह गांवों के भू-अर्जन का प्रस्ताव शासन को जल्द भेजने की तैयारी है। सोमवार को जीबीयू में हुई बैठक में भू-अर्जन का संशोधित प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजने का निर्णय लिया गया।
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