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मल्टी कनेक्शन पर 138 में से सिर्फ आठ सोसायटियों का आया जवाब

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मल्टी कनेक्शन पर सिर्फ आठ सोसायटियों का आया जवाब
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एनपीसीएल ने 138 सोसायटियों को पत्र भेजकर मांगा था आवेदन
आठ में भी ज्यादातर का रुख मल्टी प्वाइंट कनेक्शन के खिलाफ दिखा

अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। नियामक आयोग ने लोगों की मांग पर सिंगल प्वाइंट को मल्टी प्वाइंट कनेक्शन में बदलने का फैसला लिया था, लेकिन अब लोगों की रुचि उसमें नहीं दिख रही है। यही कारण है कि 138 सोसायटियों में से केवल आठ ने ही एनपीसीएल के पत्र का जवाब दिया है। इन आठ में भी ज्यादातर का रुख मल्टी प्वाइंट कनेक्शन के खिलाफ दिखा है। बाकी सोसायटियों के जवाब के लिए एनपीसीएल फिर से रिमाइंडर जारी करेगा।
पिछले माह 21 और 23 अगस्त को एनपीसीएल ने शहर की 138 सोसायटियों को पत्र भेजा था। इसमें अलग-अलग कनेक्शन लेने के लिए आवेदन करने को कहा था। पत्र को भेजे 20 दिन हो गए हैं, लेकिन सोमवार तक केवल आठ सोसायटियों से जवाब आया है।
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स्टेलर जीवन और स्टेलर सिग्मा-4 सोसायटी पर बिल्डर ने तरह-तरह के कारण बताए हैं। जैसे अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) से पैसे कैसे लिए जाएंगे, नक्शा बदलने की अनुमति प्राधिकरण से कौन लेगा और नेटवर्क लोगों के पैसे से बना है तो इसको स्थानांतरण कैसे किया जाएगा आदि।
ईको विलेज वन और टू पर बिल्डर ने जवाब देने के लिए समय मांगा है। वहीं आईकॉन सोसायटी के एओए ने किसी तरह के कागजात नहीं होने का हवाला दिया है। पूर्वांचल सिल्वर सिटी-2 सोसायटी के लोगों ने इच्छा जाहिर की है और प्रक्रिया पूछी है। बाकी दो सोसायटियों ने अलग-अलग कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया है।

दो सोसायटियों में जल्द शुरू होगा काम
सेक्टर ओमेगा की रक्षा एन्क्लेव और वरुण वेवरेज सोसायटी ने सिंगल प्वाइंट को मल्टी प्वाइंट कनेक्शन में बदलने का आवेदन किया है। आवेदन आने के बाद एनपीसीएल ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी के जीएम सारनाथ गांगुली ने बताया कि जल्द ही दोनों सोसायटियों में काम शुरू हो जाएगा, यहां किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।

खर्च से डर रहे लोग
अलग-अलग कनेक्शन देने पर आने वाले खर्च का भार फ्लैट मालिकों को देना होगा, जिसका 30 हजार से लेकर 70 हजार तक होने का अनुमान है। ऐसे में लोग इस खर्च से डर रहे हैं और अलग-अलग कनेक्शन लेने से इनकार कर रहे हैं। कई जगह बिल्डर लोगों के ऊपर डालकर इनकार कर रहा है।
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नियामक आयोग के आदेश का पालन किया जा रहा है। अगर कोई सोसायटी अलग-अलग कनेक्शन नहीं चाहती, तो उनको आयोग जाना होगा। वहीं जिन लोगों ने अलग-अलग कनेक्शन लेने के पत्र का जवाब नहीं दिया है, उनको फिर से रिमाइंडर भेजा जाएगा।’
-सारनाथ गांगुली, जीएम, एनपीसीएल




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