हाईकोर्ट ने जर्जर स्कूल भवन को गिराने का दिया आदेश
करावल नगर स्थित स्कूल को रिपोर्ट में बताया जर्जर व खतरनाक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को करावल नगर इलाके में सरकारी सहायता से चल रहे आलोक पुंज सीनियर सेकेंडरी स्कूल के भवन को गिराने का निर्देश दिया है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट के आधार पर यह आदेश दिया गया है। रिपोर्ट में स्कूल भवन को बेहद जर्जर व खतरनाक हालत में बताया था, जिससे वहां पढ़ने वाले बच्चे कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं। मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 सितंबर की तारीख तय की गई है।
मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व न्यायमूर्ति वीके राव की खंडपीठ ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल के भवन को तत्काल गिराने तथा वहां पढ़ने वाले छात्रों को दूसरे सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा होने के कारण दिल्ली सरकार के शिक्षा सचिव को फौरन इस मामले में दखल देने का निर्देश दिया है।
कोर्ट के समक्ष दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ने अपनी रिपोर्ट में स्कूल के भवन को खतरनाक बताया है और यह किसी भी समय गिर सकता है। दूसरे स्कूलों में दाखिला दिलाए जाने वाले छात्रों को निशुल्क बस परिवहन की सुविधा दी जाएगी। हाईकोर्ट ने एनजीओ सोशल ज्यूरिस्ट की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए स्कूल का निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिल्ली सरकार को दिया था। याचिका पर जिरह करते हुए अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने कहा था कि यह स्कूल पूरी तरह सरकारी सहायता से चलता है और कक्षा छह से दस तक 26 सौ छात्र पढ़ते हैं। इसके बाद भी स्कूल की हालत खराब है। शौचालय व पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं।