फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीएम के साथ किसानों की वार्ता विफल, आज करेंगे बैठक

विज्ञापन
विज्ञापन
हेडिंग: डीएम के साथ किसानों की वार्ता विफल, आज करेंगे बैठक
विज्ञापन

कंपनी में स्थानीय युवाओं को रोजगार, 10 फीसदी भूखंड आदि की मांग कर रहे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। संयुक्त किसान अधिकार आंदोलन के बैनर तले किसानों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी के साथ वार्ता की जो विफल रही। किसान कंपनियों में स्थानीय युवाओं को रोजगार, दस फीसदी विकसित भूखंड, सकल रेट का चार गुना मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। बुधवार को किसान सेक्टर सिग्मा वन में बैठक कर आगे की रणनीति तैयार करेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि सैमसंग ने काफी लोगों को रोजगार दिया है। किसानों को इसकी जानकारी दी गई है। कंपनियों की लीजडीड को देखा जाएगा, उसी हिसाब से फैसला लिया जाएगा।
किसानों ने बताया कि कंपनियों में स्थानीय युवाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की। सैमसंग कंपनी युवाओं को रोजगार नहीं दे रही है। इस पर डीएम ने बताया कि 22 प्रतिशत स्थानीय लोगों को कंपनी ने रोजगार दिया है। कंपनी के नए प्लांट में रोजगार के आंकड़े मांगे तो डीएम ने जवाब नहीं दिया। किसानों ने बताया कि लीज डीड में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का प्रावधान है। डीएम ने इससे भी इंकार कर दिया। इस बीच बैठक में काफी बहसबाजी हुई। वार्ता विफल होने पर किसानों बाहर चले आए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बैठक में भूपेंद्र चौधरी, रविंद्र भाटी, डा. रूपेश वर्मा, गंगेश्वर दत्त शर्मा, सुनील फौजी, नरेंद्र भाटी, बीरसिंह नागर, महेंद्र, राममेहर, राजू, मनोज डाढ़ा आदि किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


------------
एडीएम व अन्य दोषियों को जेल भेजने की मांग
ग्रेटर नोएडा। जय जवान-जय किसान मोर्चा ने एडीएम और अन्य दोषियों को जेल भेजने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन के बैनर तले दिल्ली-एनसीआर के किसानों व पूर्व सैनिकों ने मोर्चा खोला है। मोर्चा के स्वयंसेवक सुनील फौजी ने बताया कि दो अक्तूबर को अन्ना हजारे के मार्गदर्शन में किसानों के अधिकार व भ्रष्टाचार मिटाने के लिए लोकपाल कानून लागू करने और अन्य मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू हो रहा है। इसी को लेकर मंगलवार को किसान अधिकार संदेश यात्रा दादरी पहुंची। इसमें शामिल लोगों ने रिटायर्ड कर्नल को न्याय दिलाने में सहयोग देने की बात की है। कहा कि प्रशासनिक अधिकारी पुलिस के साथ मिलकर पूर्व सैनिकों व किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर उनकी आवाज दबाने का काम कर रहे हैं। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। रिटायर्ड कर्नल के परिवार और अन्य सहयोगी संगठनों को लेकर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। इस मौके पर गौतमबुद्ध नगर के अलावा फरीदाबाद, दिल्ली, गाजियाबाद के सदस्य शामिल रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें