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बिना रखी बांधे तिहाड़ जेल से मायूस घर लौटी बहनें

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जेल में भाइयों को राखी बांधने से रोका तो भड़कीं बहनें
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- रविवार को जेल बंद होने के कारण नहीं मिला प्रवेश, बिफरी बहनों ने सड़क पर लगाया जाम
- सुरक्षा कर्मियों ने रक्षा बंधन पर कोई ऐसा आदेश मिलने की बात से किया इंकार
- हंगामे की खबर मिलते ही हरी नगर थाना पुलिस पहुंची, समझाकर महिलाओं को हटाया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। रक्षाबंधन पर जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंची बहनों को मायूसी हाथ लगी। दरअसल, रविवार होने के कारण जेल में मिलने की इजाजत नहीं थी। ऐसे में बहनें मायूस होकर लौटने लगी तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साई बहनों ने जेल के बाहर नारेबाजी शुरू कर जाम लगा दिया। बहनें भाईयों को राखी बांधने की जिद पर अड़ गई। खबर मिलते ही हरी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। महिलाओं को समझाकर सड़क से हटाया गया। महिलाओं का कहना था कि यदि त्योहार के दिन छुट्टी पड़ रही थी तो जेल प्रशासन को इसके लिए पहले से इंतजाम करने चाहिए थे। बाद में बहनें निराश ही अपने घरों को लौट गई।
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जानकारी के अनुसार हर साल रक्षाबंधन के मौके पर महिलाएं जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर रखी बांधने जेल पहुंचती हैं। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इनको राखी बांधने की इजाजत दे दी जाती है। लेकिन इस साल रक्षाबंधन रविवार को पड़ने से गड़बड़ हो गई। रविवार सुबह से ही महिलाएं जेल के गेट के बाहर इकट्ठा होने लगी। सुरक्षा कर्मियों से उन्होंने अंदर जाने की बात की तो उन्होंने बताया कि आज छुट्टी है, जेल का कोई भी अधिकारी आज यहां नहीं है। इस बात पर महिलाएं बिफर गई। नारेबाजी के बीच वह भाइयों को राखी बांधने के लिए कहने लगी। कुछ देर के लिए मेन रोड पर जाम भी लगा दिया गया। मौके पर पहुंची लोकल पुलिस ने समझाकर उनको हटाया। काफी देर इंतजार करने के बाद महिलाएं मायूस ही वापस लौट गई।
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