सेक्टर व गांवों की अलग-अलग रजिस्ट्री पर असमंजस
- गांवों की दादरी और सेक्टरों की ग्रेनो के सब रजिस्ट्रार कार्यालय में हो रही है रजिस्ट्री
- दादरी तहसील के 40 गांव में बने ग्रेनो प्राधिकरण के 40 सेक्टरों की रजिस्ट्री का विवाद
- महानिरीक्षक निबंधन ने अधिनियम का उल्लंघन बताया, नहीं हुआ आदेश का पालन
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। दादरी तहसील के गांव और उन्हीं गांवों में बने सेक्टरों की रजिस्ट्री अलग-अलग होने पर असमंजस बना हुआ है। इस संबंध में महानिरीक्षक निबंधन उत्तर प्रदेश आदेश जारी निबंधन अधिनियम-1908 की धारा-28 के प्रतिकूल करार दे चुके हैं और सुधार करने का आदेश दिया है, लेकिन 22 दिन बाद भी आदेश का पालन नहीं हुआ है। निबंधन विभाग के अफसरों ने महानिरीक्षक के आदेश पर चुप्पी साध रखी है और एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
30 जुलाई को जारी आदेश में कहा गया था कि एक शिकायत पर जानकारी मिली है, कि दादरी और जेवर तहसील की जो भूमि ग्रेनो प्राधिकरण ने अधिग्रहित की है, उस जमीन के लेखपत्रों की रजिस्ट्री सबरजिस्ट्रार कार्यालय गौतमबुद्ध नगर में हो रही है, जबकि उन गांवों की रजिस्ट्री तहसील के सबरजिस्ट्रार कार्यालय में हो रही है। आदेश में कहा गया है कि जमीन जिस तहसील क्षेत्र की है, उसी के सबरजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्री होगी, लेकिन यहां सबरजिस्ट्रार के क्षेत्राधिकार और निबंधन अधिनियम-1908 की धारा-28 का उल्लंघन हो रहा है। आदेश दिया था कि जिस राजस्व उप जिले की जमीन है, उसका उल्लेख रजिस्ट्री में करे और विधिक प्रावधान के तहत अपने क्षेत्राधिकार में स्थित विलेखों की रजिस्ट्री करें अन्यथा रजिस्ट्री का कोई विधिक महत्व नहीं होगा। इस संबंध में जनवरी, 2011 में भी महानिरीक्षक निबंधन उत्तर प्रदेश की तरफ से ऐसा आदेश जारी किया गया था, लेकिन किसी भी आदेश का पालन नहीं किया गया है।
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दादरी तहसील के गांवों की जमीन पर बने हैं ये सेक्टर
सेक्टर 1 से 12, 14 से 16, सेक्टर 17 से 23, ईटा दो, गोल्फ लिंक्स-2, सेक्टर-27 व 28, म्यू, म्यू वन, जू वन, जू-2, सेक्टर-32 व 33, जू-तीन, टेकजोन-तीन, इकोटेक-13, टेकजोन-4, इकोटेक-16, टेकजोन-2, नॉलेज पार्क-पांच, इकोटेक-11, सेक्टर-25 समेत 40 सेक्टर हैं।
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जिले में तहसील क्षेत्र के हिसाब से रजिस्ट्री नहीं हो रही है। इस संबंध में महानिरीक्षक निबंधन की तरफ से कई बार आदेश जारी किया जा चुका है, लेकिन उसका पालन नहीं हो रहा है, जो भी अभिलेख पंजीकृत किए जा रहे हैं, वे विधि के खिलाफ है। जनता को यह जानकारी नहीं है, कि जो उनके पास अभिलेख है, वो मान्य नहीं है। - प्रदीप अस्थाना, सब रजिस्ट्रार, उपनिबंधक कार्यालय, दादरी
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महानिरीक्षक निबंधन का आदेश मिला है। उसका पालन करने के लिए सभी सब रजिस्ट्रार को निर्देशित कर दिया गया है। - अखिलेश दूबे, एआईजी स्टांप द्वितीय
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मामला अब संज्ञान में आया है। संबंधित अफसरों से बातचीत कर उचित कार्रवाई की जाएगी। - बीएन सिंह, जिलाधिकारी