मथुरा सहित अलीगढ़ और मेरठ के ध्यानार्थ
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यीडा में तैनात रहे दो तहसीलदार निलंबित
मथुरा जमीन घोटाला
जांच रिपोर्ट में दोनों तहसीलदार हैं आरोपी
दोनों अपने-अपने मंडलायुक्त दफ्तर से संबद्ध
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। यीडा के मथुरा क्षेत्र में हुए जमीन घोटाले में दो तहसीलदारों को निलंबित कर दिया गया है। दोनों पर इस जमीन घोटाले में शामिल होने का आरोप है। यीडा की सिफारिश पर शासन ने यह कार्रवाई की है। निलंबित तहसीलदारों में से एक अलीगढ़ तैनात हैं। इसी मामले में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी पीसी गुप्ता मेरठ जेल में है।
दरअसल, यीडा ने मथुरा के सात गांवों में 57 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी। यह जमीन मास्टर प्लान से बाहर खरीदी गई। जमीन का उपयोग भी नहीं तय हुआ था। जांच में गड़बड़ी आने पर यीडा ने पूर्व आईएएस और यीडा के पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता समेत 21 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले अन्य आरोपी पकड़ से दूर हैं। यीडा ने घोटाले में शामिल 7 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन से अनुमति मांगी थी।
यीडा में तैनात रहे तहसीलदार रणवीर सिंह को भी आरोपी माना गया है। रणवीर का अलीगढ़ तबादला हो गया था। अब राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव लीना जौहरी ने तहसीलदार को निलंबित कर दिया है। उन्हें आयुक्त अलीगढ़ मंडल कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं तहसीलदार चमन सिंह को भी निलंबित किया गया है। चमन सिंह यमुना प्राधिकरण में ही तैनात है, लेकिन रिपोर्ट दर्ज होने के बाद दफ्तर आना बंद कर दिया था। राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव लीना जौहरी ने उन्हें भी निलंबित कर दिया है। उसे भी आयुक्त मेरठ मंडल कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।