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डीडीयू मार्ग मिनी इंडिया में तब्दील

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डीडीयू मार्ग मिनी इंडिया में तब्दील
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-पार्टी लाइन से उठकर सभी दलों के नेताओं ने वाजपेयी को दी नम आंखों से अंतिम विदाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दीन दयाल उपाध्याय (़डीडीयू) मार्ग शुक्रवार को मिनी इंडिया में तब्दील दिखा। बीजेपी मुख्यालय में पार्टी लाइन से उठकर सभी दलों के नेता, बॉलीवुड अभिनेता से लेकर आम लोगों ने अपने प्रिय नेता को श्रद्धाजंलि अर्पित की। मौजूदा वक्त में जब सियासत में निजी हमले तीखे हो गए हैं, ऐसे में यह अटल बिहारी वाजपेयी की आम स्वीकारिता ही थी कि नेता दलीय भावना से ऊपर उठकर बीजेपी मुख्यालय पहुंचे। यहां जाति, धर्म, संप्रदाय, बोली या पार्टी को छोड़कर सब लोग भाईचारे की मिसाल कायम करते हुए अपने प्रिय नेता को विदाई दे रहे थे।
समय: सुबह साढ़े नौ बजे
डीडीयू मार्ग पर सुबह साढ़े नौ बजे तक देशभर से हजारों की तादाद में अटल समर्थक उन्हें भावभीनी विदाई देने पहुंचने शुरू हो गए थे। उमस और 35 डिग्री से अधिक तापमान में सड़क पर खड़े होकर बस वाजपेयी की एक झलक पाने को घंटों से पलक पांवड़े बिछाए खड़े रहे। बार-बार ट्रैफिक व सुरक्षाकर्मियों से पूछते कि अंतिम यात्रा बीजेपी मुख्यालय कब पहुंचेगी। अटल समर्थक उनकी कविता गाते हुए, हाथों में उनकी फोटो और जब तक सूरज चांद रहेगा, अटल जी का नाम रहेगा आदि नारे लगाते रहे। बीजेपी मुख्यालय में अंतिम यात्रा साढ़े नौ बजे पहुंचनी थी, लेकिन निवास से ही देरी से चली। इसी के चलते बीजेपी मुख्यालय में अंतिम यात्रा पौने 11 बजे के बाद पहुंची। अंतिम यात्रा को देखकर समर्थकों के आंखों से आंसू झलक उठे।
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11 बजे ही मुख्यालय के गेट बंद
बीजेपी मुख्यालय के बाहर हजारों की तादाद में अटल समर्थक उनके आखिरी दर्शन करना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। दरअसल बीजेपी मुख्यालय के अंदर भी भारी भीड़ इकठ्ठी हो चुकी थी और प्रधानमंत्री समेत अन्य वीवीआईपी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 11 बजे ही गेट बंद कर दिए गए। मुख्यालय से बार-बार अनाउंसमेंट होती रही कि भीड़ अत्यधिक होने के चलते अब किसी को अंदर आने की अनुमति नहीं मिलेगी। समर्थकों से आग्रह है कि वे स्मृति स्थल जाने वाली सड़क पर अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। हालांकि समर्थक धक्का मुक्की,उमस, प्यास व गर्मी की परवाह किए बगैर पांच से छह घंटे तक वहीं खड़े रहे।
मुख्यालय में सन्नाटा तो बाहर अटल के नारों से गुलजार
बीजेपी मुख्यालय में करीब 11.03 मिनट पर सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धाजंलि अर्पित की। उसके बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाम, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत अन्य ने श्रद्धाजंलि दी। मुख्यालय में सन्नाटा रहा, लेकिन डीडीयू मार्ग अटलजी अमर रहे भारत माता की जय आदि के नारों से गुलजार रहा।
जुमे की नमाज छोड़ पहुंचे
पूर्वी दिल्ली अल्पसंख्यक मोर्चा के सदस्य सुबह से ही अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे। मोहम्मद उस्मान समेत अन्य का कहना था कि नजाम तो हर हफ्ते आएगी, लेकिन अटलजी नहीं। बीजेपी पर हिंदुओं की पार्टी का आरोप गलत है। अटलजी उसी बीजेपी के पहले अध्यक्ष थे। अटलजी देश व देशवासियों को एक मानते थे, ऐसे में हिंदू और मुस्लिम का आरोप लगाना गलत है। उन्होंने देशवासियों के लिए जो काम किए हैं, उसी के चलते हम ऐसे महान शख्सियत का विदाई देने आए हैं।
डीडीयू मार्ग पर स्क्रीन के आगे श्रद्धांजलि
मुख्यालय गेट बंद होने के चलते कई वरिष्ठ नेताओं से लेकर आम लोग अटलजी के अंतिम दर्शन नहीं कर सके। भीड़ को ध्यान में रखते हुए मुख्यालय के बाहर स्क्रीन लगाई गई थी, जहां लाइव चल रहा था। देश के कोने-कोने से पहुंचे लोग इसी स्क्रन के आगे फूलों के गुलदस्ते रखकर अटलजी को श्रद्धांजलि देते दिखे।
घंटों इंतजार के बाद भी नहीं कर सके दर्शन
उत्तर प्रदेश से बृजप्रदेश के उपाध्यक्ष डॉ. मनेंद्र प्रताप सिंह, मथुरा से रूपेंद्र चौधरी, आगरा से डॉ. विवेक सारस्वत अटलीजी को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे। रातभर सफर कर दिल्ली पहुंचे, लेकिन मुख्यालय में जाने की अनुमति नहीं मिली। एक घंटे तक गेट पर खड़े रहने के बाद वे सड़क पर ही अंतिम यात्रा निकलने का इंतजार करते रहे। उनका कहना था कि अंतिम दर्शन नहीं करने का मलाल रहेगा।
झलकियां:
-स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता टीम अंतिम यात्रा के हर कोने में मौजूद रही। अटलजी अमर रहे टी शर्ट पहनकर स्वच्छता टीम खाने-पीने के खाली पैकेट, बोतल आदि उठाकर सफाई करतीं दिखीं।
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-दिल्ली के शास्त्री पार्क से दिव्यांग जनों का ग्रुप जो चलने -फिरने पूरी तरह असमर्थ था, भाजपा मुख्यालय में श्रद्धांजलि देने पहुंचा। इनका कहना था कि जीवन की डगर बेशक कठिन है, लेकिन ऐसे महान नेता, जिसने देश को सर्वोच्च समझा उन्हें आखिरी विदाई तो बनती थी।
- भाजपा मुख्यालय पहुंचे फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने अटल जी को एक अच्छा वक्ता बताते हुए उनकी कमी खलने की बात कही।
- मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और संजय सिंह के साथ ने भाजपा मुख्यालय में श्रद्धांजलि दी।
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