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नजफगढ़ इलाके के ग्रामीणों को पलटन का इंतजार

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नजफगढ़ इलाके के ग्रामीणों को ‘पलटन’ का इंतजार
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- इलाके के हीरो शहीद कैप्टन पृथ्वी सिंह डागर के जीवन पर बनी है यह फिल्म
- वर्ष 1967 के भारत-चीन के बीच हुई लड़ाई में शहीद हो गए थे पृथ्वी
विनोद डबास
नई दिल्ली। देश के तमाम गांवों की भांति दिल्ली देहात के नजफगढ़ इलाके के गांवों के बड़े बुजुर्ग भी फिल्म देखना सामाजिक बुराई मानते थे और वह बच्चों को फिल्म से परहेज की नसीहत देते थे। अब उन्हीं गांवों के बड़े-बुजुर्गों को एक फिल्म के रिलीज का बेसब्री से इंतजार है। दरअसल, इस फिल्म में उनके हीरो शहीद कैप्टन पृथ्वी सिंह डागर की बहादुरी पर प्रकाश डाला गया है। इस कारण बहुत से ग्रामीणों ने न सिर्फ फिल्म की शूटिंग देखी, बल्कि उन्होंने फिल्म की पटकथा लिखवाने में भी अहम भूमिका निभाई है।
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विख्यात फिल्म निर्माता एवं निर्देशक जेपी दत्ता ने देश भक्ति से ओतप्रोत पलटन नामक फिल्म बनाई है। यह फिल्म सात सितंबर को रिलीज होगी। इस फिल्म की कहानी में सिक्किम स्थित नाथुला दर्रा में वर्ष 1967 के दौरान भारत-चीन युद्ध की लड़ाई दिखाई गई है। इस युद्ध में चीनी सेना से लोहा लेने के दौरान नजफगढ़ इलाके के मलिकपुर निवासी कैप्टन पृथ्वी सिंह डागर शहीद हो गए थे। इस शहादत के लिए केंद्र सरकार उनको वीर चक्र से सम्मानित कर चुकी है। शहीद कैप्टन पृथ्वी सिंह डागर के भतीजे विजय डागर के अनुसार पलटन फिल्म में उनके चाचा की भूमिका अभिनेता गुरमीत चौधरी निभा रहे है। डागर के परिजनों और उनके व्यक्तिगत जीवन की भी झलकियां दिखाई गई है। जेपी दत्ता ने फिल्म की कहानी तैयार करने के दौरान शहीद कैप्टन पृथ्वी सिंह डागर के परिजनों से भी मुलाकात की थी। इस दौरान शहीद कैप्टन पृथ्वी सिंह डागर के परिजनों से लड़ाई से जुड़ी तमाम जानकारी उनको उपलब्ध कराई। दरअसल शहीद कैप्टन पृथ्वी सिंह डागर के परिजनों ने उनकी याद में जाफरपुर कलां स्थित रावता मोड़ पर एक म्यूजियम बना रखा है, जिसमें नाथुला दर्रा लड़ाई और उनके जीवन से जुड़ी तमाम जानकारी उपलब्ध है।
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