दिव्यांग खुद को किसी स्तर पर कमजोर न समझें : पुरी
- एम्फैसिस यूनिवर्सल डिजाइन अवार्ड समारोह में दिव्यांगों को किया सम्मानित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । देश में दिव्यांगों की संख्या शहरों में भी काफी है। इनके लिए शहरों में तरह-तरह के प्रोजेक्ट पर सरकार काम भी कर रही है। दिव्यांगों को सुविधाएं मुहैया करवाने में भारत का स्तर जल्द ही और बेहतर करने के प्रयास हैं, ताकि भारत के दिव्यांग खुद को किसी भी क्षेत्र में असहाय न समझें। दिव्यांगों के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही एनसीपीईडीपी संस्था के नौ वें एम्फैसिस यूनिवर्सल डिजाइन अवार्ड्स समारोह में केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यह विचार प्रकट किए।
इंडिया इटरनेशनल सेंटर में आयोजित नेशनल सेंटर फॉर प्रमोशन ऑफ इम्प्लॉयमेंट फॉर डिसएबल्ड पीपल (एनसीवीईडीपी) के इस कार्यक्रम में पुरी ने बताया कि सरकार ने दिल्ली समेत भारत के अलग-अलग हिस्सों में काफी योजनाओं पर काम किया है। दिव्यांग फ्रैंडली शौचालय बनाए गए हैं, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दिव्यांगों को आवासीय सुविधा मुहैया करवाई गई है। इस मौके पर दिव्यांगों के लिए बेहतर कार्य करने के लिए दिव्यांग डॉ आलिम चंदानी, दिव्यांग धनंजय भोले, दिव्यांग हरीश कुमार, डॉ जेएस अरोड़ा, तिगमांशू भटनागर, विमल कपूर, चुनावों में दिव्यांगों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए भारत चुनाव आयोग, दिव्यांग फ्रैंडली टैक्सी तैयार करने के लिए ईजी मूव सोल्यूशन कंपनी, कश्मीर संघर्ष के दौरान गोली का शिकार होने से दोनों पैर गंवाने वाले जावेद अहमद टाक, 50 हजार से ज्यादा से ज्यादा दिव्यांग बच्चों को प्रशिक्षित कर चुकी संस्था ओरकिड फाउंडेशन, मुंबई के नेत्रहीन युवा वकील अमर जैन, विशाल कुमार जैन और रामाचारी को एम्फैसिस यूनिवर्सल डिजाइन अवार्ड 2018 से नवाजा गया।